रामपुर। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर आतंकी हमले के मामले में शनिवार को कोर्ट में बहस पूरी हो गई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलील कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। कोर्ट अब एक नवंबर को अपना फैसला सुनाएगी।
31 दिसंबर 2007 को आधी रात के बाद सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर आतंकी हमला हुआ था। हमले में सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे, जबकि एक रिक्शा चालक की भी मौत हो गई थी। इस हमले के चालीस दिन बाद पुलिस व एटीएस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई इन दिनों कोर्ट में चल रही है। इस मामले के पांच आरोपी बरेली जेल में बंद तो लखनऊ जेल में तीन आरोपी बंद है। पुलिस लगातार उनको कड़ी सुरक्षा के बीच पेश कर रही थी। कुछ दिन पहले इस मामले में अभियोजन पक्ष की बहस पूरी हो जाने के बाद आरोपी पक्ष के अधिवक्ता जमीर रिजवी और दिल्ली से आए अधिवक्ता इस मामले में अपनी बहस कर रहे थे। शनिवार को इस मामले में आरोपी पक्ष की आखिरी बहस होने के बाद इस मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। जिसके बाद एडीजे तृतीय की कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाने के लिए एक नवंबर की तिथि मुकर्रर की है। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता जमीर रिजवी ने बताया दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने एक नवंबर को इस मामले में फैसला आने की संभावना है।