रामपुर। लखनऊ के ठाकुरगंज में हादसे के बाद भी पालिका प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। हालात यह है कि रामपुर के भी तीन बड़े नाले खुले हैं और हादसे को न्योता दे रहे हैं। लखनऊ में हादसे के बाद भी खुले नालों को नहीं ढका गया है।
रामपुर में मौजूदा समय में 84 बड़े, मझोले और छोटे नाले हैं। इनमें भी खासतौर पर दो बड़े नाले जिनमें मोरी गेट पर गांधी समाधि के पास और दूसरा अजीतपुर में यह दोनो ही चीनी मिल से जाकर मिलते हैं, इन दो बड़े नालों से पानी निकासी होती है, इसके अलावा एक अन्य बिलासपुर गेट पर जो चीनी मिल से होकर निकलता है। शहर के तीन बड़े नाले हैं जिससे बारिश होने पर यहां से पानी की निकासी होती है। शहर के मुख्य नाले होने के बावजूद इनको किसी भी तरह से कवर नहीं किया गया है। यह नाले पूरी तरह से खुले हुए हैं। जब बारिश होती है तो सतह तल जल भराव हो जाता है। एक तरफ सड़कें लबालब होती है तो दूसरी तरफ नाला ऊफान पर होता है। लखनऊ में हुई घटना भी इसी तरह की लापरवाही से हुई है। वहां बारिश के बाद ठाकुरगंज के राधाग्राम कॉलोनी के नाले में बारिश होने के चलते बह गए थे। रामपुर में पहले से जल निकासी के लिए कोई ड्रेनेज सिस्टम नहीं है और उस पर नालों को भी कवर नहीं किया गया है, जिससे प्रशासन यदि नहीं चेता तो कोई भी हादसा हो सकता है।
रामपुर में मौजूदा समय में 43 वार्डों में करीब चार लाख की आबादी बसर करती है। आबादी के बीच इन नालों की साफ-सफाई का जिम्मा नगर पालिका का है। इस बार मानसून से पहले नालों की जो साफ-सफाई हुई वह किसी के गले नहीं उतर रही है। हालांकि पालिका ने 100 लेबरों को हॉयर कर और निजी संसाधन से साफ-सफाई कराई, लेकिन मानसूनी बारिश होने पर नाले चोक हो गए और सड़कें जलमग्न हो गई। शहर के तोपखाना, लाल कवर, मछली बाजार, कलकत्ता, घेर सरबदाल, घेर सैफुद्दीन, जेल रोड, बरेली गेट, मिस्टनगंज, राजद्वारा, शाहबाद गेट समेत कई इलाकों में जल भराव की स्थिति थी। इसके बाद से कई पालिका पर कई सवाल भी खड़े हो रहे थे। हालांकि, इस तरह शहर जलमग्न होने के बाद अब अगली बार से अधिशासी अधिकारी ने योजना तैयार की है।
पालिका पर कितने सफाई कर्मी:
220 नियमित-संविदा
आउटसोर्स-500
कितने है पालिका पर संसाधन
संसाधन कितने हैं चाहिए
ट्रैक्टर-ट्राली 10 2
जेसीबी 6 2
पोकलैंड मशीन 1 1
छोटे हाथी 40 -
टैंकर 2 2
स्वीपिंग मशीन 2 -
कचरा गाड़ी 10 12
इलेक्टि्क ई-रिक्शा 10 -
-
वर्जन
क्या बोले ईओ-
शहर के खुले नालों को स्लैब डालकर ढका जाएगा। इसके लिए जल्द ही पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित कराया। इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, रामपुर।