रोडवेज बस और ट्रेनों के फुल होने के कारण भैया दूज पर डग्गामार वाहनों की भी खूब चांदी रही। रोडवेज बस और ट्रेन में भीड़ देखकर लोकल की सवारियों ने डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। पूरे दिन हाइवे पर डग्गमार वाहन भी क्षमता से अधिक सवारियों को बिठाए दौड़ते रहे। पर पुलिस या एआरटीओ का कोई शिकंजा नजर नहीं आया।
रामपुर से मिलक, बिलासपुर, पटवाई, शाहबाद, मूंढापांडे आदि मार्गों पर चलने वाले डग्गामार वाहनों की भी भैया दूज पर जबरदस्त कमाई हुई। इन मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन न होने या निर्धारित समय पर एक-दो बसों के ही संचालन होने के कारण सवारियों को डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ा।
कुछ मार्गों की सवारियों को रोडवेज बस परिचालकों की ओर से न बैठाए जाने के कारण इन सवारियों को डग्गामार वाहनों की शरण में आना पड़ा। साथ ही बाईपास से अधिकतर रोडवेज बसों के गुजरने के कारण भी स्टेशन पर अन्य डिपो की रोडवेज बसों की आमद कम रही। इससे बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ रही।
भैया दूज पर कई डग्गामार वाहन रामपुर से मुरादाबाद और बरेली तक भी दौड़े। कम दूरी के स्थानों के लिए कोई और विकल्प न होने के कारण इन डग्गामार वाहनों में भी जबरदस्त भीड़ रही। सभी टैंपों, टाटा मैजिक और मैक्स जीप चालकों ने क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाकर चलाया।
भीड़ का आलम यह था कि टैंपों में अंदर तो क्षमता से अधिक सवारी थी हीं, लेकिन इसके साथ ही बाईं साइड और टैंपों के पिछले हिस्से पर खड़े होकर भी लोगों ने सफर किया।