नोटबंदी के बाद हालात अब बेकाबू होने लगे हैं। शुक्रवार की देरशाम ग्राहकों का धैर्य जवाब दे गया। स्टेट बैंक में कैश न मिलने से उत्तेजित भीड़ ने हंगामा कर शुरू कर दिया। आरोप है कि भीड़ ने कर्मचारियों के खिलाफ गाली-गलौज शुरू कर दी। भीड़ के तेवर देखकर बैंक कर्मी घबरा गए और उन्होंने बैंक के दोनों मुख्यद्वार बंद कर दिए। जिससे बैंक में मौजूद महिलाएं व अन्य लोग चार घंटे तक कैद रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराकर बैंक में मौजूद लोगों को बाहर निकलवाया।
बैंकों में पर्याप्त कैश नहीं आ रहा है। कुछ बैंकों को तो बहुत कम पैसा मिल रहा है। धीरे- धीरे लोगों को धैर्य जवाब देता जा रहा है। शुक्रवार को स्टेट बैंक के सामने सुबह लोग कतार लगाकर खड़े हो गए। दोपहर तक मामला सही चलता रहा जैसे ही दोपहर बाद बैंक बंद हुआ लाइन में अपनी बारी के इंतेजार में खड़े लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। बैंक कर्मचारियों पर लोगों से साठगांठ कर उनका कालाधन सफेद किए जाने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों के खिलाफ गाली गलौज शुरू कर मेनगेट में तोड़फोड़ शुरू कर दी। जिससे बैंक कर्मचारी घबरा गए। उन्होंने बैंक के दोनों मुख्य द्वारों पर ताला बंदकर सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मश्क्कत करने के बाद उत्तेजित लोगों को शांत कराया।
बैंक मैनेजर से वार्ता कर मुख्यद्वार खुलवा चार घंटे से बैंक में बंद महिलाओं सहित अन्य लोगों को बाहर निकलवाया। शाखा प्रबंधक आरएन झा ने बताया कि हंगामे के चलते कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। बैंक कर्मचारियों पर लगाए जा रहे आरोप निराधार है।