सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले में गवाह के तौर पर कोर्ट में पेश होने आए मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव जवाहर लाल कोर्ट की नाराजगी के बाद पहुंचे तो जरूर लेकिन आधी अधूरी तैयारियों के संग।
कोर्ट में जब उनकी गवाही की बारी आई तो उनके पास केस से संबंधित पत्रावलियां ही नहीं थी, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। लिहाजा उनकी गवाही नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई दस जून को होगी। सुनवाई के दौरान सभी आतंकियों को कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। गौरतलब हो कि संयुक्त सचिव लगातार तीन बार से गवाही देने नहीं पहुंच रहे थे।
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मंगलवार को कोर्ट में मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव जवाहर लाल को गवाह के तौर पर पेश किया गया, लेकिन वह भी कोर्ट में आधी अधूरी तैयारियों के संग पहुंचे। कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से केस से संबंधित पत्रावलियां के बारे में पूछा गया तो संयुक्त सचिव ने पत्रावलियां होने से इंकार कर दिया।
अभियोजन की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि संयुक्त सचिव के पास केस से संबंधित कोई पत्रावली ही नहीं है लिहाजा गवाही नहीं हो सकती। अभियोजन की दलील के आधार पर मामले की सुनवाई टल गई। अब इस मामले की सुनवाई दस जून को होगी। इससे पहले इस मामले के सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस व पीएसी के साथ साथ ही पुलिस अफसर भी मौजूद रहे।