रामपुर। लॉकडाउन के चलते शहर से लेकर गांवों तक के सभी बाजार बंद रहे। हालांकि, सड़कों पर चहल पहल जारी रही। लोग जरूरी कार्यों से आते जाते दिखाई दिए। कोई बैंक गया, तो कोई दवा लेने के लिए दुकानों पर पहुंचा। इस बीच पुलिस ने बेवजह सड़कों पर टहलने वालों के चालान काटे।
कोरोना संक्रमण अब गांवों में भी पैर पसार चुका है। हर रोज नए संक्रमित सामने आ रहे हैं। रोज किसी न किसी संक्रमित की जान जा रही है। ऐसे में संक्रमण के बढ़ते दायरे को देखते हुए सरकार की ओर से 30 अप्रैल रात आठ बजे से 17 मई को सुबह सात बजे तक लॉकडाउन का ऐलान किया गया था, जिसे सात दिन और बढ़ा दिया गया है। इसके तहत हर दिन की तरह मंगलवार को भी शहर से लेकर गांव एवं कस्बों तक के सभी बाजार बंद रहे। शहर के अधिकांश लोग तो घरों में ही रहे। सड़कों पर लोगों की आवाजाही जारी रही। मोहम्मद अली जौहर रोड, मिस्टन गंज, सब्जी मंडी, पुराना गंज, सर्राफा बाजार, चाकू बाजार, बाजार नसरूल्ला खां समेत शहर के सभी भीड़भाड़ वाले इलाकों के बाजार बंद रहे। हालांकि, फल, सब्जी, किराना, दवाओं आदि की दुकानें खुली रहीं। यही हाल ग्रामीण इलाकों का रहा। शाहबाद, मिलक, पटवाई, स्वार, टांडा, बिलासपुर आदि इलाकों में सड़कों पर काफी कम लोग दिखाई दिए। लोग जरूरी कार्यों से ही घरों के बाहर आए। वहीं, बेवजह सड़कों पर घूमने वालों के पुलिस ने चालान काटे। इसके अलावा शहर के बाकी इलाकों में भी चालान का सिलसिला जारी रहा।