बारह दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से नगर व क्षेत्र में जलभराव की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। नदियों में जलस्तर बढने से खेतों की फसलें भी जलमग्र हो गई हैं, जिसके कारण परेशान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया हैं। नदी में जल स्तर बढने से भाखड़ा डैम के पटले भी आज हटा दिए गए।
बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों में पानी का स्तर लगातार बढने लगा है। रविवार को भी भाखड़ा, पीलाखार, सैंजनी, डकरा, कुल्ली आदि नादियों में भी जल स्तर बढ़ा है। नादियों का पानी किसानों के खेतों में भी भारी मात्रा में घुस रहा है, जिसके कारण सैकड़ों एकड़ धान, गन्ना आदि फसलें पानी में डूब गई हैं। नगर में भाखड़ा डैम के पटलों को नहर विभाग ने रविवार की शाम को हटाया, ताकि पहाड़ों से आने वाला पानी तेजी से नदी में जा सके।
नदियों का पानी ग्राम नबाबगंज, चकफेरी, रतनपुरा, कादरीगंज, बौसेना, रामनगर, खेांदलपुर, विसारतनगर, मुल्लाखेड़ा, सदराखेड़ा, खुबियानगल, मुंडिया खुर्द, पंजाबनगर, समेंत बीस से अधिक गांवों के जंगल में फसलों में घुस गया है। रविवार की दोपहर भाकियू तहसील अध्यक्ष इरफान हसन के नेतृत्व में एकत्र किसानों ने डकरा नदी पर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप था कि हाईवे निर्माण करने वाली एजेंसी ने अस्थायी पुल में जो पाइप डाले वह पतले हैं, जिनसे होकर पानी ठीक से निकल नहीं पा रहा है और उनकी फसलें खराब हो रही हैं।
प्रदर्शन करने वालों में जाहिद अली, नौशाद, पानो देवी, अफजाल राणा, वसीम अली, तरुण सक्सेना, वसीम, महेश, सतीश आदि मुख्य थे। वहीं, नगर की सिंह कालोनी, खेंादलपुर, संतनगर कालोनी आदि मोहल्लों जलभराव आज भी रहा। एसडीएम डीएस गुप्ता ने माठखेड़ा रोड पर बाईपास के पास जलभराव वाले क्षेत्र का भ्रमण कर जायजा लिया तथा पानी की निकासी कराई और बाढ़ चौकी प्रभारियों को सतर्कता के निर्देश दिए हैं।