जेल में ये कैसी सुरक्षा व्यवस्था कि 21 बंदियों और महिला सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बाद भी गीता बैरक में फांसी लगाकर जान दे दी। कहीं न कहीं जेलकर्मियों की लापरवाही साफ है। डीआईजी जेल ने इस मुद्दे पर जांच शुरू की है। जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट आईजी को सौपेंगी। जिला कारागार की महिला बैरक में 22 बंदी रहती थीं।
दो महिलाएं सजायाफ्ता हैं। बंदियों की सुरक्षा के लिए यहां पर बंदी रक्षक भी लगाई गई हैं। बैरक में महिला बंदियों के बीच गीता ने शनिवार देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। न तो महिला बंदियों को और न ही जेल में सुरक्षा में लगे कर्मियों को गीता के आत्महत्या की जानकारी हुई।
घटना के बाद जेलकर्मियों की लापरवाही साफ उजागर हुई है। डीआईजी जेल शशि श्रीवास्तव ने यहां पहुंचकर मामले की जांच की। जेल कर्मियों और अफसरों के साथ ही महिला बंदियों के बयान भी दर्ज किए। डीआईजी ने बताया कि जांच में यदि कहीं कोई दोषी मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।