अवैध खनन से सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन कोसी में समा चुकी है। किसानों ने विरोध किया तो खनन माफिया ने हथियार निकाल लिए। दबाव बनाने पर खनन माफिया ने फायरिंग कर किसानों को खदेड़ दिया। किसानों का आरोप है कि अवैध खनन के लिए गाजियाबाद से 25 से ज्यादा जेसीबी मंगाकर लगा दी गईं।
खनन माफिया ने किसानों को रोकने के लिए पूरे इलाके की नाकाबंदी कर दी है। रात गुजारने के लिए जगह-जगह झोपड़ियां डाल दी हैं। फायरिंग की सूचना पर उत्तराखंड के अधिकारी और पुलिस भी मौके पहुंच गई थी। किसानों का आरोप है कि गाजियाबाद के खनन माफिया ने स्वार के पट्टीकलां और अकबराबाद इलाके में कई किलोमीटर तक कोसी नदी पर कब्जा कर लिया है।
करीब एक महीने से जेसीबी और पोपलेन मशीनें कोसी की सीना चीरकर रेत और खोचड़ निकाल रही हैं। अवैध खनन से पट्टी कलां, अकबराबाद, घोसीपुरा, अजीतपुर, कुंदनपुर, रहमतगंज, करीमपुर, अलीगंज, सीतारामपुर, जमना और बेलवाड़ा गांव की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन कोसी में समा गई है।
पुलिस और अधिकारी अवैध खनन नहीं रोक पा रहे हैं। कई गांवों के किसान रविवार रात अवैध खनन रुकवाने के लिए कोसी घाट पर पहुंच गए। कुछ ही देर में खनन माफिया भी हथियार लेकर आ गए। किसानों ने जब खनन रोकने के लिए कहा तो खनन माफिया ने फायरिंग कर उन्होंने खदेड़ दिया।
फायरिंग की सूचना पर उत्तराखंड के अधिकारी और पुलिस भी पहुंच गई। चूंकि ये इलाका यूपी का है, इसलिए कुछ देर रुकने के बाद अधिकारी और पुलिस वापस लौट गई। आरोप है कि गाजियाबाद से 25 और जेसीबी मंगवा ली गई हैं। करीब 400 माफिया ने कोसी के खादर में पूरा जाल बिछा दिया है।
किसानों को रोकने के लिए पूरे इलाके की नाकाबंदी कर दी है। अकबराबाद से लेकर पट्टीकलां तक कोसी किनारे माफिया ने झाोपड़ियां डाल दी हैं। अवैध खनन में इस वक्त 40 से ज्यादा जेसीबी, 10 पोपलेन, डंपर, ट्रक और ट्रैक्टर ट्रालियां चल रही हैं।