शहजादनगर थाना क्षेत्र स्थित रेलवे के गेट नंबर 400-सी पर ड्यूटी कर रहे गेटमैन की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। काफी देर तक जब गेट का फोन नहीं उठा तो केबिनमैन ने इसकी जानकारी रेलवे अधिकारियों को दी। रेलवे कर्मचारी जब गेट पर पहुंचे तो उसका शव ट्रैक पर पड़ा हुआ था। चेहरा बुरी तरह से कुचला हुआ था।
शहजादनगर पुलिस ने रेलवे के इंजीनियर राजकुमार शर्मा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। मूल रूप से एटा के शिकोहाबाद निवासी नैपाल सिंह (54) रामपुर में रेलवे गेटमैन के रूप में तैनात थे। उसकी तैनाती शहजादनगर थाना क्षेत्र स्थित गेट संख्या 400-सी पर थी।
परिवार शहजादनगर रेलवे स्टेशन के पास सरकारी मकान में रहता है। शनिवार रात उनकी गेट पर ड्यूटी थी। रविवार तड़के तीन बजे तक नैपाल सिंह ने देहरादून से वाराणसी जाने वाली दून एक्सप्रेस को गेट से पार कराया था। इसके बाद जब केबिनमैन ने गेट पर फोन किया तो फोन नहीं उठा। इसकी जानकारी रेलवे अधिकारियों को दी गई।
कुछ कर्मचारी गेट पर पहुंचे। कर्मचारियों ने देखा कि नैपाल सिंह का शव कुछ दूरी पर ट्रैक पर पड़ा है। उसका चेहरा बुरी तरह से कुचल गया था। संभवत: शव के ऊपर से कोई ट्रेन भी गुजर गई थी। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। शहजादनगर पुलिस ने शव को जिला अस्पताल भिजवाया। परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
रेलवे के इंजीनियर राजकुमार शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है। गेट नंबर 400-सी का फाटक भी टेढ़ा हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि तड़के गेट खोलने को लेकर हुए विवाद में किसी ने उसकी हत्या करके शव को ट्रैक पर फेंक दिया होगा।
शाहजादनगर एसओ रजंनीकात का कहना है कि गेटमैन की हत्या कर देने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। गेटमैन के परिजनों का कहना है कि रात समय फाटक खोलने को लेकर उसका कई लोगों से विवाद भी हो चुका था। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि फाटक खोलने के विवाद में उसकी हत्या तो नहीं की गई है।
परिजनों का कहना है कि रात की ड्यूटी के दौरान काफी ट्रेन पास होती हैं। फाटक बंद रहता था। वहां से आने-जाने वाले लोग जबरन गेट को खुलवाने के लिए दबाव बनाया करते थे। कई बार झगड़ा तक हो जाता था। आशंका है कि इसी बात को लेकर विवाद हो गया होगा।
आरोपी हत्या करके शव को ट्रैक पर डाल गए, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। शव देखने वालों का कहना है कि लग रहा था कि नैपाल सिंह लाठी-डंडो से बुरी तरह से पीट गया र्हो। इंटों से मारा गया हो।