उप जिलाधिकारी गुलशन कुमार और क्षेत्राधिकारी राधेश्याम ने गुरुवार को नगर के मोहल्ला विसारतनगर के नशा मुक्ति केंद्र पर छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने फर्जी केंद्र से अमानवीय व्यवहार से पीड़त 13 युवकों को मुक्त कराया। साथ ही सभी को चिकित्सकीय परीक्षण के बाद घर भेज दिया।
काशीपुर निवासी सेवा सिंह ने गुरुवार को एसडीएम गुलशन कुमार से शिकायत की थी कि नगर के मोहल्ला विसारतनगर में एक व्यक्ति नशा मुक्ति केंद्र चलाते हैं। उसका आरोप था कि केंद्र चलाने के नाम पर संचालक मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार करता है। विरोध करने पर मरीजों के नाजुक अंगों पर भी प्रहार किया जाता है।
एसडीएम और सीओ राधेश्याम ने गुरुवार की दोपहर के दौरान केंद्र पर छापेमारी की। सलाखों को तुड़वाने के बाद अधिकारी हाल में कैद मरीजों को देखा। इस दौरान 13 मरीजों ने एसडीएम को बताया कि उनके साथ केंद्र संचालक पशुओं जैसा व्यवहार करता है। उन्हें 24 घंटे हाल में ही कैद रखा जाता है।
उन्होंने एक साल से बाहर सूरज तक के दर्शन नहीं किए हैं। खाना भी दूषित दिया जाता है और इलाज के नाम पर कोई दवा नहीं दी जाती है। मरीजों ने एसडीएम व सीओ को अपने चोट लगे भी दिखाए। मरीजों की पीड़ा को देख दोनों अधिकारी भड़क गए। उन्होंने संचालक से केंद्र की मान्यता के अभिलेख तलब किए तो उन्होंने केवल वेलफेयर सोसायटी का रजिस्ट्रेशन दिखाया।
बाद में अधिकारियों ने संचालक को हिरासत में लेकर और अभिलेखों को कब्जे में कर लिया। इसके बाद सभी मरीजों को बंधन मुक्त करा दिया। इसके बाद सभी को चिकित्सकीय परीक्षण के बाद घर भेज दिया। खबर लिखने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। एसडीएम ने बताया कि सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा रहे हैं।