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युवक की गला घोंटकर हत्या, शव को जंगल में फेंका

Thu, 07 Jan 2016 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला स्वार
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क्षेत्र के डंडिया जंगल में लकड़ी बीनने गए युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। साथ ही हत्यारों ने उसके शव को झाड़ियों में फेंक दिया। वह तीन दिन से गायब था। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवकी हत्या से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मिलक कोतवाली के लोहा गांव निवासी राम बिहारी राठौर का पुत्र अशर्फी लाल (45) साहूकारा नई बस्ती निवासी परमी के मकान में किराए पर रहता था। उसकी पत्नी तीन बच्चों के साथ मिलक थाना क्षेत्र के गांव अशोकपुर स्थित अपने मायके में तीन वर्ष से रह रही है।


वह डंडिया जंगल में साथियों के साथ जाकर लकड़ियां बीनकर बाजार में बेचता था। अशर्फी के साथियों के मुताबिक, पांच जनवरी की सुबह वह साइकिल से आरक्षित डंडिया जंगल में लकड़ियां लेने गया था, लेकिन वह शाम तक नहीं लौटा। साथियों को उसकी चिंता हुई और उसकी तलाश में जंगल गए, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका।
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बाद में गुरुवार की सुबह अशर्फी की लाश डंडिया जंगल की रवाना चौकी क्षेत्र में मिली। सूचना पर कोतवाली प्रभारी जगदीश कुमार अरोरा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में कर लिया। उन्होंने बताया कि युवक के मुंह में उसका अंगोछा ठूंसा हुआ था। साथ ही अंगोछा से गला भी कसा हुआ था।


उसकी नाक से खून रिस रहा था। उसकी साइकिल और लकड़ी काटने की कुल्हाड़ी भी गायब थी। उसकी चप्पलें भी शव से कुछ दूर झाड़ियों में पड़ी हुई मिलीं। इसके कुछ ही दूरी पर काटी गई लकड़ियां और लकड़ी बांधने के लिए रस्सी भी पड़ी हुई मिली। अशर्फी के साथियों ने बताया कि वह सीधा साधा युवक था।


उसका किसी से कोई विवाद भी नहीं था। वहीं, सीओ राधेश्याम ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया। कुछ देर बाद में मृतक के परिजन भी विलाप करते हुए मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने मोहल्ला साहूकारा निवासी अनिल की ओर से मामले की रिपोर्ट दर्ज की है।


साहूकारा निवासी अशर्फी लाल राठौर की हत्या में कहीं उसके किसी साथी का तो हाथ नहीं। अगर, मोहल्ले के लोगों की बात मानें तो उसकी किसी से भी कोई दुश्मनी भी नहीं थी। उसका एक छोटा भाई विनोद राठौर उपनी ससुराल रुद्रपुर में रहता है। वह रोजाना पांच सौ रुपये कमाने के बाद कहां खर्च करता था।


पुलिस उसकी आमदनी व खर्चे को लेकर उसके दोस्तों से जोड़कर देख रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि अशर्फी के किसी दोस्त ने उससे रुपये उधार में ले लिए हों और रुपये मांगने पर जंगल में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई हो।


पुलिस का यह भी मानना है कि घने जंगल में जहां उसकी लाश पड़ी मिली थी, वहां वह अकेले नहीं गया होगा। पुलिस हत्या की गत्थी सुलझाने में जुटी है। कोतवाली प्रभारी जगदीश कुमार अरोरा का कहना है कि वह शीघ्र ही अशर्फी लाल की हत्या पर्दाफाश किया जाएगा।
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