जिला कारागार में तीन माह पहले हुई बंदी की मौत के मामले में जेल अधीक्षक और खजुरिया के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत 12 पर गैर इरादतन हत्या का कोर्ट के आदेश पर गंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। खजुरिया थाना क्षेत्र के मुसर्रतगंज निवासी दलेर सिंह को पुलिस ने 12 जुलाई को अवैध शराब का धंधा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने दलेर को अगले दिन जेल भेज दिया था। जेल में ही उसकी हालत बिगड़ गई और फिर 15 जुलाई को उसकी मौत हो गई थी। दलेर की मौत के बाद परिजनों ने जेल अधीक्षक के साथ ही खजुरिया पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। कहा था कि पुलिस ने दलेर पुलिस कस्टडी में पीटा और फिर जेल में भी उसकी पिटाई की गई।
इसकी वजह से दलेर की मौत हो गई। दलेर की मौत के बाद परिजनों ने नगर विकास मंत्री आजम खां से भी इस मामले की शिकायत की थी। प्रशासन ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने की भी संस्तुति की थी। इस बीच मृतक की पत्नी ने परमजीत कौर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।
इसमें पुलिस व जेल प्रशासन पर दलेर के साथ मारपीट कर उसे मौत के घाट उतार देने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद इस मामले में आरोपी बनाए गए सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश गंज पुलिस को दिए।
कोर्ट के आदेश पर गंज पुलिस ने इस मामले में जेल अधीक्षक आदित्य सिंह, खजुरिया के तत्कालीन थानाध्यक्ष गुरदीप सिंह ग्रेवाल, जेल के डाक्टर उस्मान, फार्मासिस्ट जोगेंद्र मोहन गंगवार, खजुरिया थाने के एचसीपी महेंद्र सिंह, सिपाही हेमंत सिंह, कमल कुमार, रईसउद्दीन, इस्लाम अहमद, जिला कारागार का मुख्य भंडार निरीक्षक विजय राव और ओमप्रकाश सक्सेना के खिलाफ दलेर पीटकर मारने की रिपोर्ट दर्ज की है।