महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के प्रकरण में आरोपी डाक्टर और नर्स के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू हो गई है। सोमवार को सीएमओ ने दोनों की संविदा समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
संविदा समाप्ति को लेकर पूरे दिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने शासनादेश और अन्य बिंदुओं पर मंथन किया। भोट थाना क्षेत्र के अहमदनगर तराना गांव निवासी भूरा ने अपनी पत्नी मुशरफी को पिछले सप्ताह प्रसव के लिए महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रसव के दौरान गर्भ में ही नवजात की मौत हो गई थी और उसका सिर गर्भ में फंस गया था।
गर्भ में फंसे सिर को गलत तरीके से निकालने की कोशिश में वो धड़ से अलग हो गया था। परिजनों ने डाक्टर और नर्स पर अमानवीय ढंग से नवजात का सिर निकालने के लिए उसे कमरबंद बांधकर खींचने और शव को कूड़ेदान में फेंकने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस ने संविदा डाक्टर डा. तैयबा इकबाल और नर्स माधुरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। दोनों पर संविदा समाप्ति की तलवार लटक रही थी। संविदा समाप्ति के लिए पहले सीएमओ ने डीएम से निर्देश मांगे। सोमवार को सीएमओ ने आरोपी डाक्टर और नर्स की संविदा समाप्त कर दी। सीएमओ डा. शंकर लाल सारस्वत ने बताया कि डा. तैयबा इकबाल और नर्स माधुरी की संविदा समाप्त कर डीएम को रिपोर्ट भेज दी गई है।