दहेज के लिए महिला का उत्पीड़न करने और उसके साथ बलात्कार करने के मामले में अदालत ने आठ लोगों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने बलात्कार के आरोप में जेठ और उसके एक साथी को दस साल की, जबकि दहेज उत्पीड़न के मामले में छह को सात और दो-दो साल की सजा सुनाई है। दहेज के लिए विवाहिता के साथ बलात्कार का ये मामला मिलकखानम थाना क्षेत्र से जुड़ा है। मिलकखानम की महिला ने कोर्ट के माध्यम से 27 मार्च 2005 को मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप लगाया था कि ससुराल वाले दहेज के लिए उसका उत्पीड़न करते थे। दहेज में 50 हजार रुपये, बाइक और भैंस न देने पर उसके पति की गैर मौजूदगी में जेठ ने अन्य साथी के साथ उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने पहले मुकदमा दर्ज करने के बाद फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। विवाहिता ने पुलिस की एफआर को चुनौती दी। कोर्ट ने इसकी सुुनवाई परिवाद के रूप में की।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एफटीसी प्रथम रामकेश सिंह ने बलात्कार के आरोप में जेठ खलील और उसके साथी आबिद को दस-दस साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। दहेज अधिनियम में मेहंदी हसन को सात साल की सजा और 19 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही नबी जान, मोहम्मद जान, नाजमा, अमीर जहां, हुकूमत को दो-दो साल की कैद और दो-दो हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान महिला के ससुर मियां जान की मौत हो गई थी।