जुलूस में बाधा बनने पर भोट क्षेत्र में ताजियेदारों ने रास्ते में एक पेड़ काट दिया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने वापसी में जुलूस पर पथराव कर दिया। पथराव में 12 से अधिक ताजियेदार घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया। घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है। अधिकारी गांव में डेरा डाले हुए हैं, रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
वहीं, केमरी में विरोध स्वरूप कुछ लोगों ने ताजिये जमीन पर रख दिए। मनौना गांव में पेड़ काटने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस ने लोगों की मदद से मामला निपटाया। गंज थाना क्षेत्र के ग्राम केसरपुर के ताजिये जुलूस के रूप में भोट थाना क्षेत्र के गांव मिलक बादुल्ला होते हुए नवादा के कर्बला पहुंचते हैं।
शनिवार दोपहर केसरपुर के ताजिये मिलक बादुल्ला होते हुए नवादा गांव जा रहे थे। ताजियेदारों ने गांव के बाहर रास्ते किनारे खड़े पॉप्लर के एक पेड़ को जबरन काट दिया। आरोप है कि विरोध करने पर ताजियेदारों ने ग्रामीणों को धमकाकर भगा दिया था। शाम करीब पांच बजे केसरपुर के लोग कर्बला से वापस आ रहे थे।
मिलक बादुल्ला गांव में लोगों ने छतों से जुलूस के पर पथराव कर दिया। इसके कारण भगदड़ मच गई। दोनों तरफ से पथराव हुआ। पथराव में ग्राम केसरपुर निवासी पुत्तन, अनस, इस्लाम, जहीर समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस भी पहुंच गई। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के सामने भी पथराव हुआ।
पुलिस ने लाठियां फटकार कर स्थिति पर काबू पाया। एएसपी, सीओ केमरी, भोट और गंज के थाना प्रभारी भी पुलिस बल के गांव पहुंच गए। घायलों को जिला अस्पताल भेजा। जुलूस को केसरपुर भेज दिया। खबर लिखने तक गांव में पुलिस अधिकारी डेरा जमाए हुए थे। रिपोर्ट किसी ने भी दर्ज नहीं कराई थी।
उधर, केमरी के मोहल्ला सिंघाड़ियान में बिढ़पुरा के लोगों ने शाम चार बजे यह कहकर ताजिये जमीन पर रख दिए कि उनके आने से पहले ही जुलूस कर्बला कैसे चला गया। कर्बला कमेटी और पुलिस ने समझा बुझाकर जुलूस को कर्बला पहुंचाया। उधर, मनौना गांव में पदपुरी के ताजियेदारों ने रामपाल के खेत में पॉप्लर का पेड़ जुलूस के दौरान काट दिया।
विरोध करने पर ताजिये जमीन पर रख दिए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से ताजियेदारों को मनाकर ताजिये रात आठ बजे पदपुरी गांव पहुंचाए।