चिकित्सा विभाग की लापरवाही खत्म नहीं हो रही है। शासन की मंशा को दरकिनार कर मनमौजी काम चल रहा है। हालात यहां तक है कि प्रसव पीड़ा होने के बाद पीड़िता को साइकिल से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
एएनएम द्वारा एंबुलेंस को नहीं बुलाया जाता है। प्रसव कराने के एक घंटे बाद प्रसूता को घर भेज दिया जाता है।
इसका खमियाजा शनिवार को थाना मोहाना के ग्राम सहजनवां निवासी एक प्रसूता को अपनी जान गंवा कर भुगतना पड़ा।
प्रसूता को अत्यधिक रक्तस्त्राव होने के कारण जिला अस्पताल लाते समय एंबुलेंस में मौत हो गई। घटना शनिवार दोपहर करीब 3 बजे की है।
मृतका के पति के अनुसार पत्नी को शुक्रवार रात करीब 11 बजे प्रसव पीड़ा हुई। गांव की एएनएम को बुलाया और कहा कि जल्द ही बर्डपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने का इंतजाम करो।
एंबुलेंस के संबंध में कोई जानकारी न होने पर साइकिल से ही लेकर अस्पताल पहुंचा। रात को करीब 12 बजे प्रसव हुआ, इसके बाद पांच सौ रुपये लेने के बाद एएनएम ने कहा कि रात हो गई है, पत्नी को घर लेकर जाओ।
एक ठेला का इंतजाम करने के बाद देर रात घर पहुंचा। इस दौरान पत्नी को रक्तस्त्राव होता रहा, पूछने पर कहा कि प्रसव के बाद होता है।
खून बहना बंद न होने के बाद शनिवार को फिर से एएनएम को बुलाया और इलाज करने की गुजारिश की। पत्नी की बिगड़ती हालात को देखकर एएनएम ने हाथ खड़ा कर दिया और सदर अस्पताल ले जाने की सलाह दिया।
पड़ोसी द्वारा 108 नंबर एंबुलेंस को फोन किया, जवाब मिला कि आधे घंटे बाद आएंगे। ग्रामीणों ने 102 नंबर की एंबुलेंस आती देख उसे रोका और वस्तुस्थिति को बताया।
एंबुलेंस से सदर अस्पताल आते समय प्रसूता की मौत हो गई। इस संबंध में डीएम डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।