शराब के नशे में 108 एंबुलेंस चालक को रविवार की रात उसके दो साथियों ने किसी नुकीले हथियार से गोद डाला। चीखपुकार पर पहुंचे अन्य कर्मी खून से लथपथ चालक को सीएचसी लेकर पहुंचे लेकिन वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने दोनों साथियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, कांठ निवासी एंबुलेंस चालक की अपने साथियों से खाने को लेकर विवाद हुआ था।
मुरादाबाद जिले के थाना कांठ के ग्राम रामसराय पाईंदापुर निवासी योगराज पाल (32) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 108 एंबुलेंस चालक था। रविवार को वह मुरादाबाद में किसी भंडारे में गया हुआ था। उसने अपनी जगह इमरजेंसी पड़ने पर अस्पताल के बोलेरो चालक विनोद पुत्र चरन सिंह निवासी अफसरनगर, बिलासपुर को छोड़ गया था। जबकि, दूसरा चालक मेरठ जिले के थाना जानी के गांव डालूहेड़ा निवासी दीपक पुत्र रामपाल भी था।
पुलिस के मुताबिक, रात करीब 11 बजे अस्पताल के अन्य कर्मी खाना खाकर सोने चले गए। दीपक और विनोद अस्पताल के मैदान में योगराज का इंतजार करने लगे। रात करीब 12 बजे नशे की हालत में पहुंचे योगराज ने पहले दीपक और विनोद के साथ शराब पी। इसी दौरान तीनों में योगराज का खाना न लाने को लेकर विवाद होने लगा। आरोप है कि दीपक और विनोद ने लोहे की किसी नुकीली चीज से योगराज को गोद दिया। चीख पुकार मचने पर अस्पताल के अन्य कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। खून से लथपथ योगराज को सीएचसी लाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर कोतवाली प्रभारी जीडी जोशी भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने विनोद और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दी। परिजन भी सुबह पहुंच गए। पुलिस ने मृतक के भाई चंद्रपाल की ओर से विनोद और दीपक के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताते हैं कि योगराज के परिवार में एक भाई व तीन बहनें, पत्नी सुधा देवी व एक पुत्र और एक पुत्री है।