दीपावली पर इस बार भी करोड़ों रुपये की आतिशबाजी फुंकेगी। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप पटाखे फोड़ने का समय निर्धारित कर दिया है। रात को आठ बजे से लेकर दस बजे तक ही पटाखे फोड़े जा सकते हैं। इसमें भी आवाज न करने वाले और ग्रीन पटाखों के प्रयोग करने पर जोर दिया गया है।
तमाम बंदिशों और चेतावनियों के बाद भी हर वर्ष दीपावली पर करोड़ों रुपये की आतिशबाजी जलाई जाती है। भोर होने तक पटाखों की गूंज सुनाई देती है। आसमान में धुआं और वातावरण में बारूद की गंध रहती है। ऐसे में प्रदूषित पर्यावरण के चलते इस बार ऐसा नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार रात को आठ बजे से लेकर रात को दस बजे तक आतिशबाजी करने का समय निर्धारित है।
जिला प्रशासन ने भी कोर्ट के इन आदेशों को लागू कर दिया है। प्रशासन की ओर से इस बार आतिशबाजी की 379 दुकानों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, जहां करोड़ों रुपये की आतिशबाजी फुंकने के आसार हैं। वहीं जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि आतिशबाजी को लेकर शहरवासी भी पर्यावरण का ध्यान रखें। कोर्ट के आदेश का पालन करने के साथ ही निर्धारित समय के बाद किसी भी तरह की आतिशबाजी न जलाई जाए। इस संबंध में सभी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।