दोपहर में करीब तीन बजे परिजनों ने दोनों बच्चों की तलाश शुरू कर दी। घाट पर कपड़े देखकर ग्रामीण नदी में बच्चों की तलाश में जुट गए। करीब दो घंटे की तलाश के बाद दोनों के शव नदी में मिल गए। दोनों के शव एक साथ देखकर परिवार वालों में चीख-पुकार मच गई।
रामपुर में रामगंगा नदी में दो बच्चों की डूबकर मौत हो गई। दो बच्चों की मौत से परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। मंगलवार को तहसील क्षेत्र के गांव कूप निवासी जितेंद्र की बेटी वैष्णवी (3) और चचेरे भाई अतेंद्र सिंह का बेटा अर्जुन (4 ) सुबह करीब 11 बजे खेल रहे थे। दोनों परिवारों के घर से रामगंगा मात्र 70 मीटर की दूरी पर बह रही है।
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खेलते-खेलते दोनों रामगंगा नदी के घाट पर पहुंच गए। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों भाई-बहन ने कपड़े उतार कर घाट पर डाल दिए और नदी में नहाने के लिए छलांग लगा दी। नहाते-नहाते दोनों किसी समय गहरे पानी में समा गए। काफी समय हो जाने के बाद भाई-बहन जब घर वापस नहीं पहुंचे, तो परिजनों को उनकी चिंता सताने लगी।
दोपहर में करीब तीन बजे परिजनों ने दोनों बच्चों की तलाश शुरू कर दी। घाट पर कपड़े देखकर ग्रामीण नदी में बच्चों की तलाश में जुट गए। करीब दो घंटे की तलाश के बाद दोनों के शव नदी में मिल गए। दोनों के शव एक साथ देखकर परिवार वालों में चीख-पुकार मच गई। उधर, सूचना पाकर हल्का लेखपाल मनोज गंगवार मौके पर पहुंचे। लेकिन, परिवार वालों ने कोई भी कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया और उनके अंतिम संस्कार में जुट गए।
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मृत अर्जुन के पिता हैं सैन्य कर्मी
रामगंगा नदी में डूबे मृतक अर्जुन के पिता अतेंद्र सिंह जम्मू-कश्मीर में रहकर फौज में नौकरी करते हैं। मंगलवार को बेटे की मौत की खबर मिलते ही वे बेसुध हो गए।
त्योहार पर दो परिवारों में छाया मातम
शाहबाद। मंगलवार को वैष्णवी और अर्जुन की नदी में डूब कर मौत हो जाने के बाद से परिवार में कोहराम मच गया है। एक तरफ परिवार के लोग दिवाली की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ दोनों परिवारों की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। दोनों मासूमों की मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।