बंधक बनाकर रेप करने के मामले में कोर्ट ने युवती के दो बहनोइयों को सात-सात वर्ष कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, पिता को बेटी का रेप कराने का षड्यंत्र रचने का दोषी करार दिया है। कोर्ट ने युवती के पिता को एक साल की सजा और जुर्माने के आदेश दिए हैं।
युवती को बंधक बनाकर बलात्कार करने का मामला केमरी थाना क्षेत्र का है। क्षेत्र निवासी ग्रामीण ने केमरी थाने में 11 नवंबर 2009 को मेघा नगला गौटिया गांव निवासी पप्पू शर्मा और उसके साथी को नामजद करते हुए आरोप लगाया था कि उसकी बेटी अपने बहनोई के साथ जा रही थी।
रास्ते में बाइक सवार दो युवकों ने उसकी बेटी का अपहरण कर लिया और भट्ठे पर ले जाकर बलात्कार किया। पुलिस ने युवती को बरामद किया और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में पेशी के बाद युवती ने जो बयान दिए उससे पूरी कहानी उलझ गई। कोर्ट में दिए गए बयान में युवती ने पिता और बहनोई को ही कटघरे में खड़ा कर दिया।
उसने अपने बहनोइयों पर रेप का आरोप और पिता पर इसका षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। युवती के बयान के बाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश बदल दी और चार्जशीट युवती के बयान को आधार बनाकर दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रताप मौर्य ने पीड़ित युवती समेत सात के बयान दर्ज कराए।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एडीजे (एफटीसी) रामकेश सिंह ने युवती के पिता को एक साल की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए। इसके अलावा बहनोई शिशुपाल और रामपाल को सात-सात साल की सजा व छह-छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।