फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना : आरटीपीसीआर जांच के लिए मांगी गईं किटें

विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आईसीयू के साथ कोविड वार्ड भी दुरुस्त किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी पर वार्डों को आरक्षित किया जा रहा है। बाहर से आने वाले लोगों की निगरानी के लिए टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा आरटीपीसीआर जांच शुरू करने के लिए किटों की मांग की गई है।
विज्ञापन

सीएमओ डॉ. एसपी सिंह के अनुसार, गंभीर मरीजों की देखभाल और भर्ती के लिए अस्पताल तैयार हैं। रैपिड टेस्ट किट से कोरोना जांच की व्यवस्था है। आरटीपीसीआर जांच के लिए किट उपलब्ध नहीं हैं। इसकी डिमांड शासन को भेजी गई है। अगर कोई संदिग्ध आता है तो उसकी जांच कराई जाएगी। हालांकि, जिले में अभी कोई केस नहीं है।
उन्होंने कहा कि सीएचसी-पीएचसी का निरीक्षण कर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कोरोना से बचाव के लिए रोगियों की भीड़ मिलने पर तत्काल मुख्यालय को सूचित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कोरोना से निपटने के लिए फ्रंट लाइन वर्कर्स को प्रशिक्षण देने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन




मार्च से बंद है कोरोना की जांच
पिछली साल सर्दियों में कोरोना के मामले आए थे। जिसके बाद जांचें शुरू कराई गई थी। मार्च में मामलों में कमी होने पर कोरोना की जांच बंद कर दी गई थी। अब प्रदेश में लगातार कोरोना के नए मामले सामने आने के बाद शासन ने जांच का आदेश दिया है। जल्द ही अस्पताल में कोरोना की जांच शुरू की जाएगी।
-



16 वेंटिलेटर उपलब्ध

जिला अस्पताल में 16 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं। कोरोना काल में ये वेंटिलेटर मिले थे। इनको चलाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी। समय-समय पर मॉकड्रिल कर कमियों को दुरुस्त कराया गया है।



जुकाम, बुखार, खांसी के मरीजों की होगी जांच

प्रदेश में कोरोना के कई मामले सामने आने के बाद त्योहारों को देखते हुए एक बार फिर कोरोना बढ़ने की संभावना है। इससे निपटने के लिए अस्पतालों में व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। शासन से आदेश दिया गया है कि अस्पताल में आने वाले खांसी, जुकाम, बुखार के रोगियों की जांच कराई जाए। सर्विलांस के लिए वायरस की गाइडलाइन की रणनीति पर काम करने के लिए कहा है। हेल्थ फैसिलिटी तथा प्रयोगशाला आधारित सेंटीनल सर्विलांस पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए हैं।

-

ऑक्सीजन के चार प्लांट क्रियाशील

सीएमओ ने बताया कि जिले में ऑक्सीजन के चार प्लांट हैं। सभी सक्रिय हैं। सभी जगह बेड-टू-बेड ऑक्सीजन सप्लाई है। ऑक्सीजन सिलिंडर व कंसंट्रेटर भी मौजूद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें