रामपुर। जिले में एक बार फिर कोडीनयुक्त सिरप की खेप पकड़ी गई है। गंज पुलिस ने नानकार बाईपास के पास एक बाग में बने खंडहर से 1,800 शीशी कोडीनयुक्त सिरप बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बरामदगी के दौरान छह प्लास्टिक के कट्टों में सिरप की शीशियां और 7,300 रुपये मिले। मामले में मुरादाबाद निवासी एक अन्य व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है।
सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव के अनुसार, गंज थाना प्रभारी निरीक्षक हिमांशु चौहान के नेतृत्व में टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र के जुमेरात का बाजार निवासी राजा, मूंढापांडे थाना क्षेत्र के सकटू नगला निवासी मोहम्मद जाकिर और गंज थाना क्षेत्र के बघी गांव निवासी राजा के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मुरादाबाद से कोडीन सिरप खरीदकर रामपुर लाते थे और यहां ऊंचे दामों पर बेचते थे।
सीओ के मुताबिक बघी गांव निवासी राजा की भूमिका कथित खरीदार के तौर पर सामने आई है जो पहले से दोनों के संपर्क में था और बरामद सिरप खरीदने के लिए मौके पर पहुंचा था। आरोपियों से पूछताछ में सरफराज उर्फ चिम्पैंजी निवासी कोहिनूर तिराहा मुरादाबाद का नाम भी सामने आया है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। आरोपियों के कथित बयान पर पुलिस ने सरफराज को सिरप उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति बताते हुए मुकदमे में आरोपी बनाया है। तलाशी में छह प्लास्टिक के कट्टों से ट्रिप्रोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड और कोडीन फॉस्फेट युक्त सिरप की 1,800 शीशियां तथा 7,300 रुपये नकद बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर गंज थाने में मामला दर्ज किया गया है।
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बघी गांव निवासी राजा के खिलाफ 49 मुकदमे हैं दर्ज
सीओ सिटी के अनुसार पुलिस रिकॉर्ड में राजा के खिलाफ पूर्व में एनडीपीएस अधिनियम, गैंगस्टर अधिनियम, आबकारी अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2026 के मौजूदा मुकदमे को शामिल करते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या 49 बताई है। जाकिर के खिलाफ भी मुरादाबाद के मझोला थाने में एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित पूर्व में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
कोडीनयुक्त सिरप के एक साल में आठ से ज्यादा मामले, छह में आरोपपत्र
कोडीनयुक्त सिरप की अवैध बिक्री और बरामदगी से जुड़े मामले पिछले एक साल में लगातार सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिले में ऐसे आठ से ज्यादा मामले कोतवाली, गंज और सिविल लाइंस थानों में दर्ज हो चुके हैं। इनमें से छह मामलों में पुलिस आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर चुकी है।