गांधी समाधि पर विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का नाम बदलकर विकसित भारत- जी राम जी किए जाने पर कांग्रेसियों ने गांधी समाधि पर विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
पूर्व विधायक संजय कपूर ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के गरीब, मजदूर और किसान के सम्मान व अधिकार का कानून है। भाजपा सरकार इसे खत्म कर संविधान की आत्मा पर हमला कर रही है। जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों से उनका कानूनी हक छीनकर उन्हें भीख पर निर्भर बनाना चाहती है। मनरेगा ने काम मांगने के अधिकार को कानून बनाया था, लेकिन मोदी सरकार इस अधिकार को खत्म कर मजदूरों के पेट पर सीधी चोट कर रही है।
भाजपा की संकीर्ण और गांधी-विरोधी सोच को उजागर करता है। यह न हिंदी है, न अंग्रेजी और न ही किसी भारतीय भाषा का सम्मान। भाषा के साथ यह खिलवाड़ केवल गांधी जी का नाम हटाने की हताश कोशिश है। कांग्रेस कमेटी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस गरीब-विरोधी विधेयक को तुरंत वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक उग्र आंदोलन करेगी।
इस दौरान मुतिउर्रहमान बबलू , बाकर अली खान, शारीब अली खां,नोमान, मुमताज खां, राजेश कुमार लोधी, आरिफ अल्वी, यासिर शाह खां, चितरंजन प्रसाद, कपिल चौधरी आदि मौजूद रहे।