27 साल यूपी बेहाल यात्रा के जरिये सूबे में खोई जमीन हासिल करने निकली कांग्रेस की राह आसान नहीं है। नवाबों के शहर रामपुर में तो कांग्रेसी स्वागत समारोह में भीड़ तक नहीं जुटा सके। कम भीड़ देख यहां पहुंचे दिग्गजों ने इस पर नाराजगी भी जाहिर कर दी। जिस पर पूर्व सांसद बेगम नूरबानो ने कमान संभालते हुए सफाई भी दे दी। बोलीं: जो कार्यकर्ता आए हैं वह बहादुर हैं क्योंकि शहर में दूसरे राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में आने वाले कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में जेल भेज दिया जाता है। तमाम बेकसूर तो अभी भी जेल में हैं।
कांग्रेस ने यूपी विधानसभा के चुनाव का शंखनाद वेेस्ट यूपी से किया है। देश की राजधानी से चलकर यूपी की सत्ता हथियाने की ललक पाने के लिए कांग्रेसियों में उत्साह तो है, लेकिन यह उत्साह रामपुर शहर में पहुंचते ही कुछ फीका जरूर दिखा। रविवार को कोसी पुल से कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। अंबेडकर पार्क में मीटिंग भी रखी गई। इस मीटिंग में पूर्व सांसद बेगम नूरबानो काफी समय पहले ही यहां पहुंच गई थीं।
काफी इंतजार के बाद भी यहां लगाई गई कुर्सियां खाली रहीं। कार्यक्रम शुरू होकर समाप्त भी हो गया, लेकिन सीटें नहीं भर सकीं। सीटें खाली देख कांग्रेस के दिग्गजों के मुस्कराते हुए चेहरे तनाव दिखा। एक कार्यकर्ता ने फोटो खींचने के लिए हाथ खड़े करने की गुजारिश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद से की तो वह बिफर गए बोले: चार आदमी लिए खड़े हो और नौटंकी मत कराओ?
पूर्व सांसद बेगम नूरबानो ने माइक संभाला और फिर उन्होंने सफाई देनी शुरू कर दी। बोलीं: शहर में खौफ का माहौल है। जितने भी कार्यकर्ता आए हैं वह बहादुर हैं क्योंकि घर से निकलते ही दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं और झूठा जेल भेज दिया जाता है। तमाम कार्यकर्ता जेल में आज भी बंद हैं। कहा कि उन्हें भी खूब परेशान किया जाता है। जेल भरो आंदोलन के दौरान उन्हें पुलिस लाइन तक ले जाया गया था। पूर्व सांसद की बातों को सुनकर यहां पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने कांग्रेसियों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही जुर्म से निजात मिलेगी।