ठंडा पानी और हवा की बात तो छोड़िए जनाब यहां के पंपों पर तो न तो लेडीज और जेंट्स के लिए अलग-अलग टायलेट की सुविधा है और न ही टीन शेड की व्यवस्था की गई है। तेज धूप के बीच ही लोग पेट्रोल भरवाने को मजबूर हो रहे हैं। यह तस्वीर है शहर और उसकी सीमा से सटे पेट्रोल पंपों की। इस तरह यहां पेट्रोलियम मंत्रालय व ऑयल कंपनियों के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है जिसकी सजा उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है।
जिले के किसी भी पेट्रोल पंप में ग्राहकों की सुविधा का ख्याल नहीं रखा जाता है। इसके कारण उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। उपभोक्ता यदि इसकी शिकायत करता है तो उनसे कहा जाता है कि पेट्रोल लेना है तो लें नहीं तो अन्य पेट्रोल पंप जा सकते हैं। जबकि आवश्यक सुविधाओं के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय व ऑयल कंपनियों के द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है। इसके बाद भी इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी का आलम यह है कि पंप पर न तो ठंडा पानी मयस्सर होता है और न ही टायलेट की सुविधा। इतना ही नहीं यहां पर तो तेल में मिलावट की आशंका पर ग्राहकों को दी जाने वाली किट तक नहीं दी जाती। कई पंप वालो ने मिलावट चेक करने के लिए रखी जाने वाली किट को अलमारी में बंद कर दिया है। पंपो पर टिश्यू पेपर तक नहीं है। साथ मपने भी नहीं दिए जाते। यानि हर कदम पर पंप संचालकों की मनमानी चलती है।