पिता आजम खां के साथ अब्दुल्ला आजम
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संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रत्नेश सिंह ने विधानसभा के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर अब्दुल्ला आजम को विधायक के रूप में मिले वेतन-भत्तों और अन्य सुविधाओं पर हुए व्यय की वसूली के संबंध में उचित कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। इस पत्र की प्रति आयोग ने शिकायतकर्ता नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को भी भेजी है। जो कि डाक द्वारा उन्हें प्राप्त हुई है।
पूर्व राज्यमंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को स्वार टांडा से विधायक अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था। इसके बाद नवेद मियां ने 17 दिसंबर को राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर 15 फरवरी 2017 से 16 दिसंबर 2019 तक विधायक के रूप में मिले वेतन-भत्तों और अन्य सुविधाओं पर हुए व्यय की वसूली की मांग की थी।
जिस पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रत्नेश सिंह ने 23 दिसंबर को इस मामले में विधान सभा के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने विधानसभा सचिव से अब्दुल्ला आजम को विधायक के रूप में मिले वेतन-भत्तों और अन्य सुविधाओं पर हुए व्यय की वसूली के संबंध में उचित कार्रवाई को कहा है। नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि बुधवार को संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पत्र की प्रति डाक द्वारा नूर महल पहुंची है।