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घायल को मृत बताने पर सीएमएस को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

Wed, 22 Mar 2017 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो मिलक/रामपुर
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मिलक सीएचसी अधीक्षक पर हमलावर भीड़ और उसे तितर-बितर करने की कोशिश करते पुलिसकर्मी।
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मिलक सामूहिक स्वास्थ्य केंद्र मंगलवार को अखाड़ा नजर आया। हादसे में घायल स्कूटी सवार को मृत घोषित करने पर परिवार वालों ने केंद्र अधीक्षक पर हमला बोल दिया। मरीज को जिंदा मानकर हमलावर भीड़ ने अधीक्षक को सीएचसी परिसर में दौड़ा-दौड़ाकर पुलिस के सामने पीटा। उनके कपड़े फाड़ दिए। अधीक्षक को बचाने आए पुलिस कर्मी भी पिट गए। भीड़ ने कमरे में जान बचाने को घुसे पुलिसकमिर्यों को खींच-खींच पीटा। इस दौरान खूब हंगामा होता रहा। परिजन मृत घोषित किए गए स्कूटी सवार को इलाज के लिए बरेली ले गए। बताया गया कि वहां भी उसे मृत घोषित कर दिया गया।

 बरेली जिले के कस्बा मीरगंज के मुहल्ला शिवपुरी मनोज शर्मा अपनी स्कूटी से मंगलवार सुबह करीब 11.30 बजे हाईवे  से मिलक आ रहे थे। इस बीच हाईवे पर स्थित क्योरार  गांव के पास पीछे से एक रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। जिनको एबुलेंस से नगर की सीएचसी पर इलाज को लाया गया। जहां पर केंद्र अधीक्षक डा.दशरथ सिंह ने मृत घोषित कर दिया। डाक्टर के मृत घोषित करने पर  मृतक के भाई जितेंद्र कुमार शर्मा ने पुलिस में ट्रक चालक के  खिलाफ 12.05 बजे रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर पुलिस सीएचसी पहुंच गई और मृत घोषित हुए मनोज शर्मा की चोटों के निशान नोट करके पुलिस ने पंचानामा की कार्रवाई शुरू करने की कवायद की।
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इस बीच परिवार के कुछ लोग और  रिश्तेदार यहां पर पहुंचे और उन्होंने दावा किया कि मनोज शर्मा जिंदा है। परिवार वालों को दिलासा दिलाने के लिए केंद्र अधीक्षक डा. दशरथ सिंह और डा. आर.चंद्रा ने मृत घोषित किए गए मनोज शर्मा को दोबारा देखा और मृत बताया। इस पर परिजन और उनके साथ आए लोग केंद्र अधीक्षक से भिड़ गए। उनका कहना था कि मनोज शर्मा जिंदा है और उसकी सांसें चल रही हैं लेकिन उसको रेफर करने की जगह मृत घोषित कर दिया गया। गुस्साए परिजन और उनके साथ आए लोग केंद्र अधीक्षक पर टूट पड़े। उन्हें पूरी सीेएचसी परिसर में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। वहां पर मौजूद पुलिस ने अधीक्षक को  हमले से बचाने की कोशिश की ,लेकिन उनको बचाते हुए पुलिस भी खूब पिटी। पुलिस ने अधीक्षक को बचाने के कमरे में बंद किया लेकिन बेकाबू भीड़ उनको खींचकर लाई और गिरने तक पीटती रही।
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पुलिस बमुश्किल अधीक्षक को बचाकर कोतवाली ले गई। जब  सीेएचसी पर बवाल हो रहा था। उस समय चंद दूरी पर तहसील में कोतवाल और सीओ एसडीएम के साथ तहसील दिवस में बैठे हुए थे। प्रशासन बवाल निपटने पर पहुंचा। जब तक अधीक्षक को बचाकर कोतवाली भेज दिया गया था। बवाल के दौरान मृत घोषित किए गए मनोज शर्मा को परिवार वाले बरेली इलाज को लेकर गए। जहां पर वहां पर मृत घोषित कर दिया। जिस पर परिवार वाले कुछ संभ्रांत लोगों के साथ वापस शव को कोतवाली लेकर पहुंचे। 
 
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