रामपुर। टीबी रोगी के परिजनों को भी एहतियातन तीन माह तक दवा दी जाती है। जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। लेकिन, अब टीबी संक्रमित व्यक्ति के परिजनों में पांच साल से कम आयु के बच्चों को एहतियात के तौर पर दी जाने वाली दवा की गोली बदल दी गई है। बच्चों को अब टॉफी की तरह दिखने वाली गोली दी जाएगी, जिसे बच्चे चूसकर या चबाकर खा सकेंगे।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ टीबी पेशेंट (पीपीटी) के तहत पांच साल से कम आयु वाले बच्चों को दी जाने वाली दवा में बदलाव किया गया है। बच्चों को दी जाने वाली दवा में अब आइसोनियाजिड नाम की दवा की 100 एमजी की खुराक बच्चों को दी जाएगी। अब तक यह दवा टेबलेट के तौर पर उपलब्ध थी, जो कड़वी होती थी। लेकिन, नई गोली टॉफी की तरह होगी, जिसे बच्चा चबाकर या चूसकर खा सकेगा। यह दवा पांच साल से छोटे बच्चों को दी जाएगी। दवा अलग-अलग स्वाद में होगी, जिस प्रकार टॉफी के आरेंज, मैंगों व अन्य फ्लेवर आते हैं, इसी प्रकार इस दवा के भी फ्लेवर होंगे।