रामपुर। लालपुर में कोसी नदी के अधूरे पुल का निर्माण फिर से शुरू होने की आस जगी है। पुल का निर्माण पिछले पांच सालों से अधर में लटका हुआ है। पिछले साल उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पुल के निर्माण का फिर से उद्घाटन किया था। इसके बाद निर्माण शुरू कराया गया, लेकिन संशोधित लागत खर्च को मंजूरी नहीं मिलने की वजह से निर्माण रुक गया था। अब सीएम के अनुमोदन के बाद फिर से पुल का निर्माण पूरा होने की आस जगी है। 35.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल से क्षेत्र की करीब पांच लाख की आबादी को लाभ होगा।
रामपुर और टांडा को जोड़ने वाला लालपुर पुल क्षेत्र के लोगों के लिए खास है। कोसी नदी पर रियासत काल में बना पुल काफी जर्जर हालत में था, जिस वजह से यहां नये पुल को मंजूरी मिली थी। 2014 में भेजे गए पुल के इस प्रस्ताव पर शासन की मुहर 2016 में लगी थी। करीब दस करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल के लिए तब सरकार ने करीब आठ करोड़ रुपये जारी कर दिए गए थे। इसके बाद पुल का काम शुरू हो गया था, जो 2017 तक चला। तब तक जारी किया हुआ पैसा खर्च हो चुका था और शासन से शेष धनराशि जारी नहीं हो सकी थी। ऐसे में पुल का काम अधर में ही लटका रहा। यह काम करीब पांच साल से लटका हुआ है। सेतु निगम के अफसरों की मानें तो पुल की ड्राइंग में भी परिवर्तन किया गया है, जिस कारण पुल निर्माण पर खर्च होने वाला धन अधिक खर्च होगा। इसके अलावा पांच साल का लंबा अंतराल हो गया, जिसकी वजह से मैटेरियल के दामों में भी इजाफा हुआ है।
लिहाजा, सेतु निगम की ओर से 35.52 करोड़ रुपये का नया प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था। हालांकि, इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली थी, लेकिन फिर भी 23 सितंबर 2020 को खुद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रामपुर आकर पुल का निर्माण शुरू करा दिया था। किन्तु, धन जारी न हो पाने की वजह से पुल का काम फिर रोकना पड़ा था। सेतु निगम के अफसर बताते हैं कि अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुल के निर्माण का अनुमोदन कर दिया है। ऐसे में पुल के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है। हालांकि, अफसरों को विभागीय कामकाज में करीब डेढ़ से दो माह का समय लगेगा। ऐसे में तीन माह के भीतर पुल का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम, आरके सिंह ने कहा कि शासन को लालपुर पुल का रिवाइज इस्टीमेट भेजा जा चुका है। यह करीब 35.52 करोड़ रुपये का है। अब तक पुल के निर्माण का अनुमोदन नहीं हुआ था, जिस वजह से काम रोकना पड़ा था। अब पुल के निर्माण का अनुमोदन मुख्यमंत्री ने कर दिया है। आगामी दो से तीन माह के भीतर पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।