जिले के गेहूं क्रय केंद्रों पर लगातार धांधली की शिकायतें मिल रही हैं। किसानों का गेहूं सीधे खरीदने के बजाय बिचौलियों के जरिए खरीदने के मामले सामने आ रहे हैं। यही नहीं किसानों को घोषित मूल्य भी नहीं मिल रहा है। बेबस किसान अफसरों से शिकायत भी कर रहे हैं, लेकिन कोई नहीं सुन रहा। ऐसे में किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। इसके लिए दस रुपये प्रति क्विंटल अन्य खर्च के लिए किसान को दिए जाएंगे। इस तरह सरकार की ओर से प्रति क्विंटल 1745 रुपये का भुगतान करने के निर्देश हैं, लेकिन रामपुर में गेहूं क्रय केंद्रों की स्थिति बदहाल है।
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यहां किसानों से सीधे गेहूं खरीदने के बजाए बिचौलियों के जरिए खरीद हो रही है। कमोवेश हर केंद्र पर बिचौलियों का तगड़ा नेटवर्क है। यही नहीं यदि किसान केंद्रों पर सीधे गेहूं दे रहा है तो उसे पूरा भुगतान नहीं हो रहा। अधिकांश केंद्रों पर किसानों का गेहूं 1600 रुपये से लेकर 1650 रुपये प्रति क्विंटल तक ही दिया जा रहा है।
ऐसा नहीं है कि अफसरों को इसकी जानकारी नहीं है। किसान संगठनों से लेकर सीधे किसान लगातार अफसरों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन किसानों की इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।