रामपुर। बिजली विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को कनेक्शन तो जारी किए जा रहे हैं, लेकिन उन कनेक्शनों पर मीटर लगाने में लापरवाही बरती जा रही है। यहां तक कि छह छह माह पूर्व रसीद कटवाने के बाद भी उपभोक्ताओं के यहां मीटर स्थापित नहीं किए गए हैं। वह भी तब जब कनेक्शन जारी करने के बाद मीटर लगवाने की जिम्मेदारी अवर अभियंता की होती है। ऐसे में विभाग की इस सुस्ती की वजह से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद से बिजली व्यवस्था पर काफी जोर दिया जा रहा है। शुरुआत में तो विभाग ने सौभाग्य योजना के तहत गांवों में अभियान चलाकर कनेक्शन जारी किए, जबकि शहरी क्षेत्रों में अवर अभियंताओं के स्तर पर एवं झटपट योजना के तहत कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। इसमें चार किलोवाट से अधिक भार के व्यावसायिक कनेक्शन उपखंड अधिकारी के स्तर पर जारी किए जाते हैं। ऐसे में जिस स्तर पर कनेक्शन जारी किए जाते हैं, उसी अधिकारी की जिम्मेदारी होती है कि उपभोक्ता के यहां मीटर लगवाएं। लेकिन, यहां ऐसा नहीं हो रहा है। सिर्फ सिविल लाइंस क्षेत्र की ही बात की जाए तो सिविल लाइंस एवं अजीतपुर दोनों बिजलीघर क्षेत्र में 98 ऐसे कनेक्शन हैं, जहां रसीदें कटने के बाद अब तक मीटर नहीं लगे हैं। इनमें घरेलू एवं व्यावसायिक दोनों ही शामिल हैं, जिसमें 71 कनेक्शन सिर्फ अजीतपुर बिजलीघर क्षेत्र के हैं। इसी तरह शाहबाद गेट, नवाब गेट, पहाड़ी गेट, बिलासपुर गेट, डूंगरपुर, रजा इंटर कालेज आदि बिजलीघर क्षेत्रों में भी तमाम कनेक्शन अब तक पेंडिंग हैं। इसके अलावा सौभाग्य योजना के तहत उपभोक्ताओं के यहां बिजली के मीटर तो स्थापित हो गए, लेकिन उन्हें न तो कोई रसीद दी गई है और न ही उनके बिल बन पा रहे हैं। ऐसे में विभाग की इस सुस्ती का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।