नकली नोटों के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कोतवाली
पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरोह का सरगना भाग निकला।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह नकली नोट के नाम पर लोगों से ठगी करते
थे। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
कोतवाली
पुलिस को सूचना मिली कि नकली नोटों का धंधा कर लोगों को ठगने वाला गिरोह
नगर में मौजूद है। इस पर पुलिस ने सोमवार की रात पहाड़ी गेट के निकट
छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को देखकर मौके से कुछ संदिग्ध भागने लगे। इस
पर पुलिस ने पीछा कर तीन युवकों को पकड़ लिया है। इस दौरान एक युवक भाग
निकला।
पुलिस संदिग्धों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई और पूछताछ की।
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए युवकों ने बताया कि वह लोग किसी अंजान आदमी को
असली नोट देकर उसे नकली बताते हुए बाजार में चलवाते थे। इसके बाद जब वह नोट
चल जाता था, तो वह शख्स दोबारा उनके पास आकर और रुपयों की डिमांड करता था।
इसके बाद दोबारा वे लोग उसे पैकेट में नोटों को देते थे और पैकेट के ऊपर
और नीचे असली नोट लगाकर बीच में सादा कागज रख देते थे। लेन-देन के दौरान वे
नोट की गड्डी चेक नहीं करने देते थे। घर जाने पर व्यक्ति को हकीकत की
जानकारी होती थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने तीन वारदातों को कबूल
किया है।
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी जुम्मा कालोनी निवासी इसरार और
गिरोह का मुखिया नब्बी उस्ताद है।
एक आरोपी सिरोली निवासी शमशेर सिंह
और दूसरा भोट थाना क्षेत्र के इंड्रा गांव निवासी किशोर यादव है। पुलिस ने
पकड़े गए तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उनको जेल भेज दिया
गया है।
वहीं, गिरोह के सरगना नब्बी उस्ताद की तलाश में पुलिस जुट गई है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक इसरार पर लूट, चोरी व जानलेवा हमले के अन्य
मुदकमे भी दर्ज हैं।