रामपुर। करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में पुलिस की जांच पूरी हो गई है। अजीमनगर थाने में दर्ज प्रकरण में क्राइम ब्रांच ने सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में शुरुआत में दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जबकि विवेचना के दौरान पांच अन्य आरोपी भी सामने आए।
अक्तूबर 2025 में रामपुर के शहर कोतवाली, गंज और अजीमनगर थाने में जीएसटी चोरी के अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। अजीमनगर थाने में राज्य कर विभाग के आयुक्त आदित्य प्रताप सिंह की ओर से लकड़ी की फर्म संचालित करने वाले रईसउद्दीन और उसके भाई मेहराउद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
जांच के दौरान तीनों मामलों की विवेचना एसपी के आदेश पर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। अजीमनगर मामले में क्राइम ब्रांच की जांच में लकड़ी फर्म के माध्यम से 10.50 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की पुष्टि हुई। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और एक-एक कर पांच अन्य लोगों को भी मामले में गिरफ्तार किया गया।
क्राइम ब्रांच के विवेचक अनुपम शर्मा के अनुसार, इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दो सगे भाई भी शामिल हैं। विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
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इनके खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
क्राइम ब्रांच ने रईसउद्दीन, मेहराउद्दीन, अमन, नाजिम, अजीम, शमीम और नक्शे अली के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
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तीन में से दो मामलों में दाखिल चार्जशीट
रामपुर। जीएसटी चोरी के तीन अलग-अलग मामलों में से शहर कोतवाली के मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अब अजीमनगर के मामले में भी चार्जशीट दाखिल हो गई है, जबकि गंज थाने में दर्ज मामले की विवेचना अंतिम चरण में है। संवाद