रामपुर। जिला कारागार के फांसीघर की जमीन कब्जाने के मामले में सोमवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में सुनवाई हुई। सपा नेता आजम खां जेल से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए, लेकिन कई अन्य आरोपियों के कोर्ट में उपस्थित नहीं होने के कारण आरोप तय नहीं हो सके। अब मामले की अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी।
गंज कोतवाली में 20 सितंबर 2019 को तत्कालीन नायब तहसीलदार कृष्ण गोपाल मिश्रा की ओर से जिला कारागार की फांसीघर की जमीन कब्जाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें 37 लोगों को नामजद किया गया था। सभी पर फांसीघर की सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त का आरोप है। नायब तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि यह जमीन सरकारी होने के कारण बेची नहीं जा सकती थी, लेकिन कागजों में हेराफेरी कर इसकी बिक्री कर दी गई और खरीदारों ने वहां मकान भी बना लिए।
पुलिस विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आने का दावा किया गया कि जमीन आजम खां के कहने पर खरीदी गई थी। पूछताछ में खरीदारों ने यह बात कही थी, जिसके आधार पर चार्जशीट में आजम खां का नाम धारा 120-बी के तहत शामिल किया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आजम खां समेत सभी 37 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
सोमवार को सभी आरोपियों पर आरोप तय होने थे, लेकिन कई आरोपियों के उपस्थित न होने के कारण कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी।