रामपुर। स्वार विधानसभा सीट पर उप चुनाव कराए जाने के हाईकोर्ट के फैसले को सांसद आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम और चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट में इन दोनों याचिकाओं पर छह नवंबर को सुनवाई हो सकती है। इस बीच स्वार नगरपालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन शफीक अंसारी ने इन दोनों याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट लगा दी है। अंसारी की याचिका पर ही हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को स्वार विधानसभा सीट पर उप चुनाव कराने का आदेश दिया था।
स्वार विधानसभा सीट पर 2017 में सांसद आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम निर्वाचित हुए थे। उनके निर्वाचन को उस वक्त बसपा के प्रत्याशी रहे नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि 2017 के विधानसभा चुनाव का नामांकन दाखिल करते वक्त अब्दुल्ला आजम न्यूनतम आयु की सीमा की शर्त को पूरा नहीं करते थे। दिसंबर 2019 में हाईकोर्ट ने उनकी विधायकी रद्द करने का आदेश दिया था। अब्दुल्ला ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जो अभी विचाराधीन है। इस याचिका के लंबित होने की वजह से चुनाव आयोग ने स्वार विधानसभा की सीट पर उप चुनाव कराने का एलान नहीं किया था। इस मुद्दे को लेकर स्वार नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन शफीक अंसारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनकी याचिका पर हाईकोर्ट ने 22 अक्तूबर को चुनाव आयोग को स्वार विधानसभा सीट पर उप चुनाव कराने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस आदेश को अब्दुल्ला आजम और चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट ने चुनौती दी है। इस याचिका पर 28 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी, जिसके बाद इस मामले में छह नवंबर की तिथि अगली सुनवाई के तय की गई है। इस बीच शफीक अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट अब्दुल्ला आजम और चुनाव आयोग की ओर से दाखिल गई एसएलपी पर कैविएट दाखिल कर दी है। शफीक अंसारी ने बताया कि अपने अधिवक्ता के माध्यम से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है।