रामपुर। जिले में मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले झोलाछापों और बिना मानकों के संचालित अस्पताल-क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले छह माह में विभाग की ओर से 56 अवैध और अनियमित अस्पतालों व क्लीनिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। सूचना मिलने पर टीमें मौके पर पहुंचकर संस्थानों की जांच कर रही हैं और कमी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
सीएमओ डॉ. दीपा सिंह के निर्देश पर जिले में अवैध और फर्जी अस्पतालों का संचालन करने वाले के खिलाफ कार्रवाई के लिए टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों को अस्पतालों और क्लीनिकों की शिकायत या सूचना मिलने पर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। टीम संचालकों से पंजीकरण, चिकित्सक की योग्यता और संस्थान के संचालन से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की जांच करती है। मानक पूरे नहीं मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराने से लेकर संस्थान सील करने तक की कार्रवाई की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की लगातार कार्रवाई का असर यह है कि बिना जरूरी दस्तावेज और मानकों के मरीजों का इलाज करने वाले संचालकों पर कार्रवाई का खतरा बना हुआ है। विभाग का जोर ऐसे संस्थानों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करने पर है, ताकि मरीजों को झोलाछापों के चंगुल में जाने से बचाया जा सके। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शाहबाद और सैफनी क्षेत्र में टीमों ने दो अस्पताल और एक क्लीनिक को सील कर दिया गया। संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
जिले में अवैध और मानकों के विपरीत संचालित अस्पतालों-क्लीनिकों की लगातार जांच की जा रही है। पिछले छह माह में 56 अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाकर झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. देवेश चौधरी, नोडल अधिकारी