जिले में अस्पतालों में डाक्टरों की उपस्थिति नहीं सुधर रही है। अस्पताल डाक्टर के नहीं मिलने से मरीज और तीमारदा दोनों परेशान हैं। इससे भी बुरा हाल क्या होगा? टांडा सीएचसी में आठ डाक्टरों की तैनाती है, लेकिन अस्पताल में एक मात्र चिकित्सक ही शनिवार को मरीजों का परीक्षण कर रहे थे।
एक बीमार वृद्ध महिला अपनी बारी का इंतजार करते करते बेहोश होकर गिर पड़ी। परिजन भागकर ओपीडी कर रहे चिकित्सक के पास पहुंचे और बेहोश वृद्धा को देखने को कहा, लेकिन पहले से लगी मरीजों की भीड़ पर डाक्टर ने इंतजार करने को कहा तो परिजन भड़क गए। हंगामा करने लगे।
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शनिवार को मोहल्ला मनहारान निवासी जमीला पत्नी अब्दुल अजीम डायरिया के उपचार के लिए सीएचसी पहुंची। उनका बेटा शरीफ तथा वार्ड सभासद अफसर अली उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि सीएचसी में उस समय एक ही चिकित्सक मौजूद थे। उनके पास मरीजों की लंबी कतार लगी हुई थी।
अधिक मरीज होने से जमीला को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इस दौरान वह बेहोश होकर गिर पड़ी। गुस्साए परिजन इलाज में लापरवाही बरतने, दवाओं का पर्चा बाहरी मेडिकल स्टोर से लिखने का आरोप लगाते हुए वृद्धा को इलाज के लिए मुरादाबाद ले गए। परिजनों ने एसडीएम से भी शिकायत की है।