मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए भले ही तामझाम लगाया हो, लेकिन पुलिस की लापरवाही शहर से लेकर मिलक तक हावी देखी गई। बरेली जाते वक्त सीएम की फ्लीट में एक सपा का झंडा और हूटर लगी कार घुस गई, जिसके बाद हड़कंप मच गया। मैसेज पास होते ही एक्टिव हुई पुलिस ने कार को मिलक कोतवाली में रोक लिया और फिर तीन घंटे की पूछताछ के बाद कार सवारों को छोड़ दिया गया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को रामपुर में थे। उनके आगमन को लेकर शहर भर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे, लेकिन सीएम की सुरक्षा को लेकर ही लापरवाही सामने आ गई। सुरक्षा के तामझाम के बीच जिस तरह से लापरवाही बरती गई उस पर ताबड़तोड़ कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ने कर डाली। मगर, इस बीच शनिवार की रात में सीएम के बरेली जाते वक्त भी पुलिस कर्मियों ने सुरक्षा में लापरवाही बरती। गांधी समाधि के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार के जरिए सीधे बरेली के लिए रवाना हो गए। उनके पीछे सुरक्षा की फ्लीट चल रही थी।
इसी फ्लीट में हाईवे पर अचानक एक सपा का झंडा और हूटर लगी कार घुस आई, जिसके बाद फ्लीट में चल रहे पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मैसेज पास किया गया। मैसेज मिलने के बाद पुलिस व प्रशासनिक अफसर एक्टिव हो गए। मिलक पुलिस को एक्टिव किया गया। मिलक पुलिस ने इस कार को मिलक में इंट्री होने पर ही रोक लिया और फिर इस कार को मय कार सवारों समेत मिलक कोतवाली ले जाया गया, जहां कार सवार लोगों से पूछताछ की गई। करीब तीन घंटे की पूछताछ के बाद कार सवारों को मय कार के छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई से फिलहाल खलबली मची हुई है। एसपी संजीव त्यागी का कहना है कि फ्लीट मामले में पूछताछ की गई थी।