डिजीटाजेशन के लिए केबल आपरेटर चैनल लॉक करने लगे हैं। दर्शकों का मनोरंजन आधा होना शुरू हो गया है। आपका टीवी डब्बा न बन जाए, इसलिए चार दिन के अंदर सेट टॉप बाक्स लगवा लें। टीबी पर ऐसी सलाह देनी शुरू कर दी गई है।
अभी तक चार हजार घरों तक ही सेट टॉप बाक्स पहुंच पाए हैं, जबकि शहर में ही 17 हजार घरों में सेट टॉप बाक्स लगाए जाने हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आदेश पर अब तीसरे चरण में केबल का डिजीटाइजेशन कराया जा रहा है। केबल टीवी का मजा लेने के लिए सेट टॉप बाक्स लगवाना जरूरी हो गया है।
31 दिसंबर तक सेट टप बाक्स लगवाना जरूरी है। इसके बाद नए साल में बिना सेट टॉप बाक्स कोई भी चैनल नहीं देख सकेंगे। रामपुर में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 59 हजार घरों में घरों में टेलीविजन है। अकेले शहर में ही 41 हजार घरों में टेलीविजन होने की बात कही गई है।
मनोरंजन कर विभाग के दावों की मानें तो शहर में करीब 17 हजार लोगों के पास केबल कनेक्शन हैं। अभी तक सिर्फ चार हजार घरों में ही सेट टॉप बाक्स लगाए गए हैं। 31 दिसंबर को महज चार दिन ही शेष रह गए हैं। ऐसे में अब हजारों घरों में टीवी अब डब्बा बन जाएंगे।
फिलहाल डिजीटाइजेशन के खातिर अब दर्शकों को आधा अधूरा मनोरंजन ही हो रहा है। कई चैनल लोगों की टीवी स्क्रीन से गायब होने लगे हैं। केबल आपरेटर दर्शकों को दो टूक जवाब दे रहे हैं कि जल्द ही सेट टॉप बाक्स लगवा लिए जाएं।
सेट टॉप बाक्स लगाए जाने में मनमानी कीमत वसूले जाने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने भी कमर कस ली है। अपर जिलाधिकारी एमपी सिंह ने इस संबंध में साफ किया है कि यदि कहीं कोई मनमानी कीमत वसूले जाने की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 59 हजार घरों में ही टीवी सेट हैं। इस तरह का दावा मनोरंजन कर विभाग ने 2011 में हुई जनगणना के आधार पर किया है। इस तरह का डाटा भी अपलोड किया गया है। 59 हजार में से 41 हजार घरों में टीवी तो अकेले शहर में ही हैं। अभी तक सिर्फ चार हजार घरों में ही सेट टाप बाक्स लगाए गए हैं।