नवाब मोहम्मद अली खां का मकबरा ढहाने के विरोध में बसपाई सड़क पर उतर आए। उन्होंने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम के जरिये राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। बसपाइयों का कहना था कि सपा के शासन में उलेमा और नवाबों की पहचान मिटाई जा रही है। कब्रिस्तानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
मदरसा कोहना के कब्रिस्तान में रामपुर रिसायत के शासक रहे नवाब मोहम्मद अली खां का मकबरा और उलमा की कब्रें थीं। तीन दिन पहले मकबरा ढहा दिया गया। जेसीबी से कब्रों को भी नुकसान पहुंचा था। मकबरा ढहाने का विरोध जारी है। बसपाई बुधवार को तोपखाना रोड स्थित कार्यालय पर एकत्र हुए।
डा. तनवीर अहमद खां के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा कि रामपुर वलियों, सूफी, उलमा, मौलवी, शायर और नवाबों का शहर है। सपा के शासन में रामपुर की तवारीख को मिटाने की कोशिश की जा रही है।
मंत्री के इशारे पर प्रशासन उलमा की दरगाह, मकबरों और कब्रिस्तानों को नुकसान पहुंचा रहा है। आशंका जताई कि अगर इसी तरह जुल्म होता रहा तो जनता सड़कों पर उतर आएगी। ज्ञापन में राज्यपाल से उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार की है।
ज्ञापन देने वालों में महेश कुमार सागर, फैजान शाह खां, मंजू, आशीष सिंह, बाबर अफरीदी, कामरान खां, जुबैर खां, जमीर अंसारी, अफजाल खां, बिट्टू, शुऐब खां, कमर खां भी शामिल थे।