एआरटीओ के बाद अब जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एसके तिवारी पर भी चुुनाव आयोग का डंडा चला है। आयोग के आदेश पर तिवारी को रामपुर से हटा दिया गया है। उन्हें निदेशालय में अटैच किया गया है। उनके स्थान देर रात तक तैनाती होने की खबर नहीं है।
बीएसए एसके तिवारी यहां काफी समय से तैनात हैं। वह सूबे के कद्दावर मंत्री आजम खां के करीबी अफसरों में माने जाते रहे हैं। साथ ही उनकी तैनाती भी तीन साल पहले हो चुकी है। आचार संहिता लगने के बाद से ही कई अफसरों का हटना तय माना जा रहा था। विरोधी दलों के नेता अफसरों पर निष्पक्ष चुनाव कराने का अंदेशा जताते रहे। शहर से बसपा प्रत्याशी डा.तनवीर अहमद, बसपा के स्वार प्रत्याशी नवेद मियां और भाजपा ने भी डीएम समेत कई अफसरों की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग चुनाव आयोग से की थी। इस शिकायत के आधार पर चुनाव आयोग ने एक-एक कर इन अफसरों को हटाना शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले यहां से एआरटीओ कौशलेंद्र प्रताप यादव को हटाकर जिला मुख्यालय से अटैच किया गया था।
गुुरुवार की शाम को चुनाव आयोग के आदेश के बाद रामपुर के बीएसए एसके तिवारी को भी हटा दिया। तिवारी को बेसिक शिक्षा विभाग के मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। हालांकि रात नौ बजे तक उनके तबादले का आदेश मुख्यालय पर नहीं पहुंचा था। इधर, हमीरपुर के एसएन सिंह और बलिया के बीएसए राकेश सिंह को भी हटा दिया गया है।