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Rampur News: रेलवे स्टेशन के कायाकल्प पर ब्रेक, यात्रियों को परेशानी

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रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य करते कर्मी।   संवाद
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रामपुर।
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जिस तेजी के साथ अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का काम शुरू हुआ था। वह तेजी अब दिखाई नहीं दे रही है। स्टेशन पर जगह-जगह तोड़फोड़ करने के बाद अब काम रुका हुआ है।
मालखाना, वेटिंग हॉल और तकनीकी पटल समेत कई जगह पर मलबा का ढेर लगा है। कुछ जगह बैरिकेडिंग कर रखी है। वहीं, स्टेशन के विस्तारीकरण की गति भी बहुत धीमी है। बारिश तो कभी अन्य कारण से काम में ढिलाई बरती जा रही है। इससे स्टेशन पर यात्रियों को भी परेशानी हो रही है।
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अमृत योजना के तहत रामपुर रेलवे स्टेशन का 23.3 करोड़ रुपये से कायाकल्प होना है। प्रधानमंत्री ने वर्चुअल तरीके से अन्य रेलवे स्टेशनों की तरह रामपुर स्टेशन के भी कायाकल्प का भी शिलान्यास किया था। स्टेशन को विस्तार देने के लिए पहले वेटिंग हॉल को तोड़ा गया। नया वेटिंग हॉल बन भी चुका है। इसमें शौचालय और बैठने के लिए बेंचें लगाई गई है। इसके बाद प्लेटफार्म को ऊंचा करने का काम शुरू हुआ, जिसमें प्लेटफार्म नंबर एक को ऊंचा किया गया और यहां पर पत्थर बिछाया गया।
लेकिन, अब विस्तारीकरण की गति काफी धीमी हो गई है। वैसे स्टेशन के कायाकल्प के लिए जमीन की पैमाइश और पुरानी बिल्डिंग को तोड़े हुए एक करीब साल हो चुका है। इसके बावजूद कई जगह मलबे के ढेर अभी भी लगे है। साथ ही कायाकल्प का काम भी रुका हुआ है।
काम ठप, बारिश तो कभी ठंडक का बहाना
तोड़फोड़ के क्रम में सबसे पहले नबावों के दौर का फुट ओवरब्रिज ढहाया गया था। इसे तोड़ने के लिए बरेली के इंजीनियर भी पहुंचे थे। फिर मालखाना भी तोड़ दिया गया, लेकिन इसका निर्माण अभी तक नहीं हो सका है। वर्तमान में स्टेशन पर आधे से ज्यादा जगह पर मलबा पड़ा है। निर्माण के लिए सरिया और एंगल इधर-उधर रखे गए हैं। पिछले दिनों हुई बारिश में यहां रेता-बजरी और मिट्टी भीगती रही। वहीं, पिछले माह रुक-रुककर हुई बारिश से स्टेशन पर विकास के कार्य थम गए थे। बारिश खत्म होने के बाद भी काम नहीं हो सका है। सर्दियों में काम की गति शून्य पड़ गई और श्रमिकों का अभाव बताकर भी काम रोक दिया गया था, जो अभी तक शुरू नहीं हो सका है। कभी-कभार एक-दो मजदूर जरूर तोड़फोड़ या अन्य कार्य करते दिखाई देते हैं।
दो बार हो चुका है निरीक्षण
रामपुर रेलवे स्टेशन की गति धीमी होने के कारण दो बार डीआरएम ने निरीक्षण भी किया था। इसमें काम में तेजी लाने के लिए कांट्रेक्टर को निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अभी भी विस्तारीकरण की रफ्तार कमजोर है।

फुट ओवरब्रिज न होने से यात्रियों को परेशानी
निर्माण शुरू होने से पहले स्टेशन पर दो फुट ओवरब्रिज थे। इसमें मुरादाबाद की ओर जाने वाले ट्रैक वाला फुट ओवरब्रिज तोड़ दिया गया है, जबकि बरेली की ओर जाने वाले ट्रैक पर फुट ओवरब्रिज बरकरार है। इसमें मुरादाबाद की ओर जाने वाले ट्रैक की तरफ बना फुट ओवरब्रिज नबावों के जमाने का था। जिसे बरेली के इंजीनियर और उनकी टीम ने ढहा दिया था और इसकी जगह आधुनिक लिफ्ट और एस्कलरेटर बनाने को तय हुआ था। एक साल का समय गुजरने को है, लेकिन अब तक ओवरब्रिज का निर्माण शुरू तक नहीं हो सका है। लिहाजा, अब यात्री जान जोखिम डालकर रेलवे ट्रैक को पैदल पार कर प्लेटफार्म पर पहुंचते हैं।
दिव्यांगों के लिए भी स्टेशन पर मुसीबत
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर आने-जाने के लिए इस समय दिव्यांग और बुजुर्ग एवं असहाय लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इनको पुल की सीढि़यां या फिर सीधे रेलवे ट्रैक पार कर प्लेटफार्म पर पहुंचना होता है।
रेलवे स्टेशन में यह होने हैं कार्य
- दो मंजिला बनेगा रेलवे स्टेशन।
- यात्रियों और कारोबारियों को सामान आवागमन की मिलेगी सुविधाएं।
- खूबसूरत वेटिंग हॉल और शौचालय की होगी व्यवस्था।
- रैंप, लिफ्ट, एस्केलेटर (552 वर्ग मीटर) के साथ 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज।
- ट्रैफिक सर्कुलेशन में सुधार और सर्कुलेटिंग एरिया (7480 वर्गमीटर)।
- मुफ्त वाईफाई की सुविधा, स्वच्छ जल, स्वच्छता पर भी रहेगा फोकस।
- दिव्यांगों के लिए शौचालय सुविधाओं का प्रावधान।

- रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। इसका काम निरंतर चल रहा है। रामपुर के इंजीनियर और बरेली से अधिकारियों का इस काम पर पूरा फोकस है। कोशिश है कि जल्द से जल्द इसका काम पूरा कर लिया जाए। - अभिषेक, इंजीनियर, मुरादाबाद डिवीजन
- रेलवे स्टेशन का काम चल रहा है। इससे पहले बारिश हुई थी, तब रुका था। इसके बाद से निरंतर काम कराया जा रहा है। इसमें अभी काफी चीजें होनी हैं। मजदूर लगे हैं और वह अपना काम कर रहे हैं। - मो. आजम खां, स्टेशन अधीक्षक

यात्री बोले
- रेलवे स्टेशन पर एक फुटओवरब्रिज बना है। जिससे काफी परेशानी होती है। ट्रेन आने पर दौड़ लगाना और फिर दूसरे फुटओवरब्रिज तक जाने में ही हालत खराब हो जाती है। -रोहित
- मैं रोजाना सफर करता हूं। काफी समय से स्टेशन पर मलबा पड़ा है। यहां पर मजदूर तो भी कभी कभार दिखाई देते हैं। स्टेशन पर कई जगह मलबा का ढेर हैं। पता नहीं रेलवे स्टेशन पर कब तक कार्य पूरा हो सकेगा। -फैजुल्ला खां
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- तोड़फोड़ तो कर दी गई है, लेकिन निर्माण पूरा होने की तरफ कोई भी कार्य नहीं बढ़ रहा है। आप खुद ही देख लीजिए, काफी धीमी गति से काम चल रहा है। जिस तरह से ये काम हो रहा है, उससे लगता है कि पांच साल में भी पूरा नहीं हो पाएगा। - शहजाद खां
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