रामपुर। प्रदेश के कई जिलों में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 ने दस्तक दे दी है। कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। जिले में नौ महीने से ज्यादा समय से कोरोना टीकाकरण बंद चल रहा है। जिले में 30 प्रतिशत लोगों को ही सतर्कता डोज लगी है। ऐसे में कोरोना संक्रमण बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग के लिए इसे नियंत्रित कर पाना मुश्किल होगा। हालांकि, जिले में अभी तक कोरोना का कोई केस सामने नहीं आया है।
शासन स्तर से कोरोना संक्रमण से बचाव व इसके प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को गाइडलाइन जारी करते हुए सतर्क रहने के लिए कहा गया है। सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार और सांस के गंभीर रोगियों की कोरोना की जांच कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिले में कोरोना की जांच के लिए कोई संसाधन मौजूद नहीं है।
आखिरी बार फरवरी में 17 हजार वैक्सीन की डोज मंगाई गई थी। जिनसे टीकाकरण पूरा हो जाने के बाद से जिले में कोई वैक्सीन नहीं लगी हैं। आंकड़ों के अनुसार जिले में कोरोना से बचाव की पहली डोज सौ प्रतिशत और दूसरी डोज 98 प्रतिशत लोगों को लगाई जा चुकी है। बूस्टर डोज लगवाने में जिले के लोग पीछे हैं। जिले में 13.31 लाख लोगों को बूस्टर डोज लगाई जानी है। जिसके सापेक्ष 4.15 लाख लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई। इसके बाद से वैक्सीन न मिलने से टीकाकरण नहीं हो पाया।
टीकाकरण से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है, जिससे कोरोना से मुकाबला किया जा सकता है। अब नौ माह से ज्यादा समय हो चुका है और टीके भी नहीं लग रहे हैं। ऐसी स्थिति में कोरोना को नियंत्रित करना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन सकता है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि कोरोनारोधी वैक्सीन खत्म होने पर टीकाकरण बंद हो गया था। शासन से वैक्सीन मिलेगी तो फिर से टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा।