ब्लड बैंक में खून रखने की व्यवस्था नहीं है। कुछ इसी तरह का जवाब स्वास्थ्य विभाग ने लेखपालों को दिया है। इसके बाद लेखपालों में गुस्सा छाया हुआ है। अब वह शहर के निजी अस्पताल को अपना ब्लड देंगे। इसको लेकर लेखपालों में जबर्दस्त उत्साह है।
रक्तदान महादान माना जाता है। मगर, सेहत महकमा अब ब्लड लेने से ही अपने कदम ही पीछे खींच रहा है। रक्त की दो बूंदे किसी की जिदंगी को बचा सकता है। मगर, सेहत महकमा ब्लड लेने से ही इंकार कर रहा है। हुआ यूं कि हड़ताली लेखपालों की ओर से गुरुवार को रक्तदान कैंप लगाकर रक्तदान करने का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है।
रक्तदान कैंप लगाने की घोषणा लेखपाल संघ ने काफी समय पहले कर रखी है। जब लेखपालों ने जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक से संपर्क साधा तो यहां ब्लड सुरक्षित रखने की व्यवस्था न होने का हवाला देते हुए लेखपालों का ब्लड लेने से ही इंकार कर दिया गया,जिसके बाद लेखपालों ने जिला अस्पताल केमुख्य चिकित्साधीक्षक व सीएमओ से भी संपर्क साधा। कुल मिलाकर सेहत विभाग ने ब्लड सुरक्षित रखने में असमर्थता जता दी,संघ के सदस्यों ने अब जौहर अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक से संपर्क साधा है। जौहर अस्पताल के ब्लड बैंक ने कैंप लगाकर ब्लड सुरक्षित रखने को हरी झंडी दे दी है।