ब्लाक प्रमुख के चुनाव को लेकर राजनीतिक जोड़तोड़ शुरू हो गई है। हालांकि अभी किसी भी राजनीतिक दल की ओर से प्रत्याशी के नाम का अधिकृत रूप से एलान नहीं किया गया है। एक-दो दिनों के अंदर संभावित प्रत्याशियों को समर्थन दिए जाने का एलान किया जा सकता है। इस बीच संभावित दावेदारों ने जोड़तोड़ शुरू कर दी है।
संभावित दावेदारों पर बीडीसी सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाना शुरू हो गया है। कई मामलों में शिकायत पुलिस तक भी पहुंची है। गौरतलब है कि जिले के छह ब्लाकों में प्रमुख का चुनाव सात फरवरी को होना है। जिलाधिकारी एक फरवरी को अधिसूचना जारी करेंगे।
ब्लाक प्रमुख के चुनाव को लेकर किसी भी राजनीतिक दल ने अपना पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन संभावित दावेदारों ने चुनाव को लेकर जोड़तोड़ शुरू कर दी है। संभावित दावेदार बीडीसी सदस्यों से संपर्क साध रहे हैं। कई संभावित दावेदार राजनीतिक विरोधियों के संपर्क में भी हैं।
भाजपा के एक संभावित दावेदार ने चुनाव को लेकर बसपा नेताओं से संपर्क साधा है। ब्लाक प्रमुख के लिए सबसे अधिक दावेदारी सपा की ओर से की जा रही है। इस संबंध में कोई फैसला नगर विकास मंत्री आजम खां की ओर से लिया जाएगा। संभावित दावेदार बीडीसी सदस्यों को अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
दावेदारों पर बीडीसी सदस्यों को धमकाने, उनका अपहरण करने और उनके परिजनों पर दबाव बनाने की शिकायतें मिलने लगी हैं। कई मामले पुलिस के पास भी पहुंचे हैं। पुलिस भी इस मामले में काफी सतर्कता से कदम उठा रही है। विपक्षी दलों के संभावित दावेदार सत्ता पक्ष पर पुलिस-प्रशासन का इस्तेमाल कर बीडीसी सदस्यों पर दबाव बनाने का आरोप लगा रहे हैं।
ब्लाक प्रमुख के चुनाव के दौरान बीडीसी सदस्यों पर दबाव बनाने की सर्वाधिक शिकायत मिलक ब्लाक से मिल रही है। यहां पुलिस के पास कई शिकायत पहुंची है। कई मामलों में शिकायत करने वाला मुकर भी गया है। जानकारी के मुताबिक मिलक के कई बीडीसी सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख का चुनाव निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है।