रामपुर। समाजवादी पार्टी के नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा कि मैं 1977 से लगातार विधायक हूं, लेकिन रामपुर जैैसा चुनाव आज तक नहीं देखा। यहां सरकार के दबाव में चुनाव हो रहा है। पुलिस प्रशासन सपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रहा है। यहां लोकतंत्र नहीं है। यदि पुलिस की कार्रवाई बंद नहीं हुई तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
तोपखाना रोड स्थित सपा कार्यालय पर मीडिया से बात करते हुए पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि हम जब पहले आए तो स्थिति सुधरने की उम्मीद थी, लेकिन हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं। यहां चुनाव भाजपा नहीं लड़ रही है, बल्कि प्रशासन लड़ रहा है। सपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। कहा कि सपा की साइकिल रैली में आने वाले एक कार्यकर्ता को पुलिस ने उठा लिया। आठ से दस लोगों को रात में उठा लिया। जानकारी मिलने केे बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से बातचीत की। विधायक दल के साथ सामान्य प्रेक्षक से मुलाकात की और पुलिस की कार्रवाई के बारे में बताया। प्रेक्षक ने संज्ञान लेते हुए कार्यकर्ता को तो छुड़ा दिया, लेकिन इसके बाद गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। चुनाव से पहले भी यह काम हो सकता था या गिरफ्तारी जरूरी थी तो चुनाव के बाद हो सकती थी, लेकिन चुनाव में ऐसा क्यों किया जा रहा है। यह सब सपा को चुनाव हराने के लिए किया जा रहा है। हमने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बात की थी और उन्होंने निष्पक्ष चुनाव कराने का भरोसा दिया था लेकिन, यहां तो स्थिति एक दम उलट है। हालात यह हैं कि हमारे कार्यकर्ताओं को चुनाव के बस्ते बंटने के बाद धमकाया जा रहा है। स्थिति ऐसी कि पहले पकड़ा जा रहा है और बाद में मुकदमे लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी और नेता बिना किसी भेदभाव के काम करने की शपथ लेते हैं। अधिकारियों की यह जिम्मेदारी होती है कि वह लोकतंत्र की रक्षा करें। कहा कि यदि पुलिस प्रशासन की कार्रवाई बंद नहीं हुई तो यह भी विचार चल रहा है कि प्रेक्षक, जिलाधिकारी या फिर पुलिस अधीक्षक के यहां धरना दिया जाए। उन्होंने चुनाव आयोग और अफसरों से अपील की कि सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में चुनाव कराया जाए। इस दौरान विधायक अबरार अहमद, इरफान समेत तमाम नेता मौजूद रहे।