तीन सौ मकानों को काठगोदाम हाईवे से बचाने के लिए गांव वाले आंदोलित हैं। जनप्रतिनिधियों से भरोसा उठ चुका है। अफसरों पर लापरवाही का आरोप है, अब खुद गांव वालों ने मोर्चा संभाल लिया है। एक भी मकान नहीं टूटने देने को वे गुरुवार से धरना-प्रदर्शन करेंगे। एनएचएआई के अफसर ज्ञापन लेने नहीं आए तो हाईवे पर बैठकर जाम कर देंगे।
भोट के ग्रामीणों ने बुधवार को धरना प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार कर ली है। आंदोलन एकदम शांतिपूर्ण होगा। कोई ऐसा काम नहीं होने देंगे जिससे कानून व्यवस्था भंग हो। गांव वालों का कहना है कि शांति पूर्वक मांग होगी। भोट के तीन सौ मकानों को बचाकर बाहर से बाईपास निकालो। शिव मंदिर में एकत्र हुए ग्रामीणों से प्रधान पति मुर्सीद हुसैन ने कहा कि किसी भी ग्रामीण को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
बीस अक्तूबर से शिव मंदिर में धरना दिया जाएगा। उसके बाद हाईवे के प्रोजेक्ट डायेरक्टर को ज्ञापन सौंप जाएगा। हाईवे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ज्ञापन लेने के लिए नहीं आते हैं तो दिल्ली-नैनीताल हाईवे पर धरना दिया जाएगा। गुरुवार को होने वाले धरना पदर्शन पर रणनीति भी तैयार की गई।
इस मौके पर खलील अहमद, दिलदार हुुसैन, मुकुल अग्रवाल, अखलाक अहमद,भूरा, शिव कुमार, प्रकाश मौजूद रहे। इधर, भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ता अपर जिलाधिकारी से मिले। कहा कि वह किसी भी हालत में जबरन मकान नहीं तोडने देंगे। एडीएम ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह यादव, होरी लाल, मो उस्मान मौजूद रहे।