रामपुर। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज भावाधस के कार्यकर्ताओं ने एक निजी स्कूल प्रबंधन पर दो कर्मियों को नौकरी से निकाले जाने और बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
भावाधस के राष्ट्रीय प्रमुख वीरेश भीम अनार्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बीएसए दफ्तर पहुंचकर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया, जिसमें एक स्कूल में कार्यरत कर्मचारी हनी कठेरिया और एक महिला को स्कूल से निकालने का आरोप लगाया है। कहा कि स्कूल में दलितों के उत्पीड़न के निष्पक्ष जांच की जाए। हटाए गए कर्मचारियों को वापस रखे जाने के की मांग की। राष्ट्रीय प्रमुख वीरेश भीम अनार्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट शासनादेश है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी को निकालने से पहले डीएम की अनुमति लेना आवश्यक है, लेकिन दुख का विषय ये है कि एक स्कूल में मनमर्जी चली रही है, कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर समझा जाता है, उनका उत्पीड़न किया जा रहा है और बिना ही शासनादेश के उनको रखा जा रहा है और निकाला जा रहा है। दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है और बिना ही जैम पोर्टल के नियुक्तियां की जा रही हैं। कहा कि बीएसए ने आश्वासन कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मौके पर राष्ट्रीय प्रचार मंत्री कैलाश एकलव्य, शंकर बबलू, डा. शर्मिष्ठा, रमा सिंह, हनी कठेरिया, दिनेश, शरद राज, विनय, रवि आदि लोग मोजूद रहे।