सयासत की तरह ही इस बार मोदी िपचकािरयां बाजार में छाई हैं। बच्चे भी घर-घर मोदी की तर्ज पर इस होली पर मोदी की पिचकारियां ले जा रहे हैं। होली में रंगों से बौछार से बचना मुश्किल है। ऐसे में अगर रंगों से चेहरा रंग जाए तो बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए सुरक्षा कवच से चेहरा ढकना समझदारी होगा। चिकित्सकों के मुताबिक होली खेलने से पहले चेहरे पर आयली क्रीम लगा लें। चेहरे पर सरसों का तेल भी सुरक्षा कवच का काम करेगा।
होली हो और मस्ती न हो तो ऐसा असंभव है। होली में रंगों की बौछार में तो भीगना ही पड़ेगा। बच्चे हो या बूढ़े या फिर महिलाएं सब होली की मस्ती में सरावोर हो जाती हैं।
इस त्योहार में रंगों की बरसात होती है। लेकिन, रंग हमारी शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस समय बाजार में सिंथेटिक कलर बिक रहे हैं। उनके में कैमिकल मिलाया जाता है तो शरीर की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर सिंथथेटिक कलर आंखों में चला जाए तो रोशनी कम होने का खतरा रहता है।
केमिकल युक्त रंग से त्वचा रोग हो सकते हैं। ऐसे में सावधानी बरतनी जरूरी है। आयुर्वेद चिकित्सक डा. कुलदीप सिंह चौहान कहते हैं कि होली की मस्ती में करें पर एहतियात भी बरतें। रंग खेलने से पहले से अपने चेहरे की सुरक्षा करें। चेहरे पर आयली क्रीम लगाएं। सरसों का तेल भी सुरक्षा कवच बन सकता है।